जापान: अकेलापन कितना भारी , मौत से महीने भर बाद मिले 4 हजार लोगों के शव .
जापान: अकेलापन कितना भारी , मौत से महीने भर बाद मिले 4 हजार लोगों के शव
जापान में इस साल की पहली छमाही के दौरान करीब 40 हजार लोगों की मौत उनके घरों में अकेले हुई है. यह आंकड़े जापान की पुलिस की एक रिपोर्ट में बताए गए हैं.राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के अनुसार, इनमें से करीब 4 हजार लोगों के शव उनकी मौत के एक महीने बाद मिले हैं और 130 लोगों के शव करीब एक साल तक लापता रहे.संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मैजूदा वक्त में जापान में सबसे अधिक बुजुर्ग जनसंख्या है. और वहां अकेलापन भी गंभीर समस्या है.

जापानी पुलिस एजेंसी को उम्मीद है कि यह रिपोर्ट देश में उम्रदराज लोगों की बढ़ती संख्या की समस्या को उजागर करने में मदद करेगी, जो अकेले जीते हैं और अकेले ही मरने को बाध्य होते है.
राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के डेटा के अनुसार अकेले रहने वाले करीब 37,227 लोग अपने घरों में मृत पाए गए. इनमें से 70 प्रतिशत लोग 65 या इससे ज्यादा की आयु के थे.
करीब 40 प्रतिशत लोगों के शव एक दिन के भीतर मिले, जबकि करीब 3939 लोगों के शव मौत के एक महीने के बाद मिले. और 130 लोग ऐसे हैं, जिनकी खोज से पहले किसी का ध्यान नहीं गया.
Article By :
Abhilash Shukla
जापान: अकेलापन कितना भारी , मौत से महीने भर बाद मिले 4 हजार लोगों के शव
जापान में इस साल की पहली छमाही के दौरान करीब 40 हजार लोगों की मौत उनके घरों में अकेले हुई है. यह आंकड़े जापान की पुलिस की एक रिपोर्ट में बताए गए हैं.राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के अनुसार, इनमें से करीब 4 हजार लोगों के शव उनकी मौत के एक महीने बाद मिले हैं और 130 लोगों के शव करीब एक साल तक लापता रहे.संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मैजूदा वक्त में जापान में सबसे अधिक बुजुर्ग जनसंख्या है. और वहां अकेलापन भी गंभीर समस्या है.
जापानी पुलिस एजेंसी को उम्मीद है कि यह रिपोर्ट देश में उम्रदराज लोगों की बढ़ती संख्या की समस्या को उजागर करने में मदद करेगी, जो अकेले जीते हैं और अकेले ही मरने को बाध्य होते है.
राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के डेटा के अनुसार अकेले रहने वाले करीब 37,227 लोग अपने घरों में मृत पाए गए. इनमें से 70 प्रतिशत लोग 65 या इससे ज्यादा की आयु के थे.
करीब 40 प्रतिशत लोगों के शव एक दिन के भीतर मिले, जबकि करीब 3939 लोगों के शव मौत के एक महीने के बाद मिले. और 130 लोग ऐसे हैं, जिनकी खोज से पहले किसी का ध्यान नहीं गया.