ईरान में हिंसक प्रदर्शनों में दर्जनों मौतों का दावा, सैकड़ों घायल.
ईरान में हिंसक प्रदर्शनों में दर्जनों मौतों का दावा, सैकड़ों घायल
ईरान में महंगाई, गिरती मुद्रा और गहराते आर्थिक संकट के ख़िलाफ भड़के जनआंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के ख़िलाफ सड़कों पर उतरी जनता जमकर नारेबाज़ी कर रही है। हालात काबू से बाहर होते देख सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने के दावे सामने आए हैं।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,300 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कुछ स्वतंत्र स्रोतों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि मौतों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है।
तेहरान में हालात सबसे ज़्यादा तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।, वाशिंगटन डीसी स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी, ने अब तक कम से कम 63 मौतों की पुष्टि की है। इससे मृतकों की वास्तविक संख्या को लेकर विरोधाभासी तस्वीर सामने आ रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार रात से देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे जानकारी के प्रवाह पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी चुनौती बन सकता है, जिन्होंने पहले चेतावनी दी थी कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग करती है, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं, जिससे हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य उन “उपद्रवियों” के सामने नहीं झुकेगा जो अमेरिका को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।
तनाव के बीच ईरान सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा तक का सामना करना पड़ सकता है। ईरान में जारी यह संकट फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है और देश गहरे राजनीतिक व सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है।