पाक सेना–आतंकी गठजोड़ बेनकाब: लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने वीडियो में कबूला करीबी रिश्ता.
पाक सेना–आतंकी गठजोड़ बेनकाब: लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने वीडियो में कबूला करीबी रिश्ता
पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी ने एक वायरल वीडियो में पाकिस्तानी सेना के साथ अपने करीबी संबंधों को खुलेआम स्वीकार कर लिया है। यह वीडियो एक पाकिस्तानी बाल विद्यालय में दिए गए उसके भाषण का है,
वीडियो में कसूरी यह कहते हुए सुना जा सकता है कि,पाकिस्तान की सेना मुझे जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए बुलाती है। क्या आप जानते हैं कि भारत भी मुझसे डरता है?”
यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि पाकिस्तान के कथित आतंकवाद-विरोधी दावों की भी पोल खोलता है।
यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब कसूरी को अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के मास्टरमाइंड के रूप में चिन्हित किया गया था। हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माने जाने वाले कसूरी ने अपने भाषण में पाकिस्तानी सेना से अपने रिश्तों को गर्व के साथ पेश किया, जिससे सेना और आतंकी संगठनों के बीच गहरे गठजोड़ की पुष्टि होती है।
यह पहली बार नहीं है जब कसूरी के पाकिस्तानी सेना से रिश्तों के सबूत सामने आए हों। पहले भी वह पाकिस्तानी सैनिकों के जनाजे में नमाज पढ़ाते और साउथ वजीरिस्तान में अंतिम संस्कार का नेतृत्व करते नजर आ चुका है। ये घटनाएं उस दोहरे चरित्र को उजागर करती हैं, जिसमें पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद से इनकार करता है, लेकिन घरेलू स्तर पर आतंकियों को संरक्षण, सम्मान और मंच देता है।