बचने का रास्ता न देख मंत्री विजय शाह ने फिर बहाए ‘घड़ियाली आंसू’, सुप्रीम कोर्ट के डर से मांगी माफी, सरकार को देना है जवाब.
इंदौर। ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों को बहन बताने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह ने फिर माफी मांगी है। ऐसा उन्होंने तब किया है जब सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार को जवाब देना है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रदेश सरकार शाह के खिलाफ कार्रवाई की परमिशन क्यों नहीं दे रही है।
विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार स्पष्ट किया है और आज पुनः दोहराना चाहते हैं कि उनका किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना अथवा समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि निःसंदेह उनके शब्द उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। देशभक्ति की भावना और आवेश में वे शब्द निकल गए, जो अनुचित थे। उन्होंने आग्रह किया कि इस त्रुटि के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए, क्योंकि इसमें किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं थी। मंत्री शाह ने कहा कि वे पहले भी क्षमा याचना कर चुके हैं और आज भी पूरे मन से माफी मांगते हैं।
अब ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी
मंत्री शाह ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक है कि एक छोटी सी त्रुटि के कारण इतना बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना के प्रति उनके मन में सदैव गहरा सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए शब्दों की मर्यादा अत्यंत आवश्यक होती है और इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है। मंत्री शाह ने कहा कि उन्होंने इस प्रकरण से सबक लिया है, अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की है और भविष्य में अपनी वाणी पर पूर्ण नियंत्रण रखेंगे, ताकि ऐसी गलती दोबारा न हो। अंत में उन्होंने एक बार पुनः इस प्रकरण से आहत सभी नागरिकों और भारतीय सेना से क्षमा याचना की।
माफी पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अभियोजन के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी वे माफी मांग चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह के वकील ने जब भी माफी का जिक्र किया है, कोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर की है।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब
मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का भी रहा है।
विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान
मंत्री विजय शाह ने 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में ने यह विवादित बयान दिया था। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा था- उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा। शाह ने आगे कहा था किअब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।