अपनी फितरत से बाज नहीं आ रहे मंत्री विजयवर्गीय, मास्टर प्लान में देरी का ठीकरा मुख्यमंत्री पर फोड़ा, अब विपक्ष के निशाने पर हैं सीएम.
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में कैलाश विजयवर्गीय अपने असली रूप में नजर आए। इसी सत्र में पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की बात कह बवाल मचाने के बाद भी उनकी फितरत अब भी जारी है। विपक्ष ने जब इंदौर और भोपाल के मास्टर प्लान में देरी का मुद्दा उठाया, तो विजयवर्गीय ने इसके लिए सीएम डॉ.मोहन यादव को जिम्मेदार बता दिया।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में नए मास्टर प्लान को लेकर कहा कि मेरे विभाग ने डेढ़ साल पहले उसे बनाकर पूरा कर रखा है और मास्टर प्लान तैयार है। मुख्यमंत्री उसको देखकर और जारी करेंगे, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। विजयवर्गीय ने कहा तीन-चार बार बैठक हो चुकी है। मेट्रोपालिटन एरिया को लेकर रि-कंसीडर करना पड़ेगा। वह कहेंगे तो फिर से री-ड्राफ्ट करेंगे।
आज भी सदन में गूंजा देरी का मामला
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने मास्टर प्लान को लेकर कहा कि कैलाश विजयवर्गीय जैसे वरिष्ठ मंत्री यदि यह कह रहे हैं कि अधिकारी उन्हें पूरी जानकारी नहीं दे रहे और फाइल सीधे मुख्यमंत्री के पास भेजी जा रही है, तो यह उनके विभागीय समन्वय की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में दावा किया था कि वे दो साल पहले ही मास्टर प्लान का अनुमोदन कर फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज चुके हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि फाइल मुख्यमंत्री स्तर पर लंबित है। जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि भोपाल का मास्टर प्लान आगे नहीं बढ़ रहा?
सिंघार बोले-मंत्री और सीएम के बीच खींचतान
विधानसभा बजट सत्र में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मास्टर प्लान को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच खींचतान की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रदेश का मास्टर प्लान पिछले डेढ़ साल से अटका हुआ है। सिंघार के अनुसार भाजपा सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच तालमेल की कमी के कारण नगरीय प्रशासन को न तो फ्री हैंड मिल पा रहा है और न ही ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं। सिंघार ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान के ठप होने से अवैध कॉलोनियों का निर्माण तेजी से हो रहा है। उमंग सिंघार ने दावा किया कि स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री विधानसभा में स्वीकार कर चुके हैं कि मास्टर प्लान की फाइल लंबे समय से मुख्यमंत्री के पास लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की अंदरूनी खींचतान का खामियाजा जनता क्यों भुगते?
मेट्रो को लेकर अधिकारियों पर फिर निकाला था गुबार
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो को लेकर सदन में कहा था कि अधिकारियों ने बैठकर मेट्रो की प्लानिंग कर ली, जनप्रतिनिधियों से चर्चा ही नहीं की और एकदम शहर पर थोप दिया। मुझसे भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा एक बार मेट्रो की बैठक ले लें। मैं भोपाल मेट्रो की बैठक लूंगा। भोपाल के जनप्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा करेंगे।
शेखावत ने लिए मजे, कहा-जनता केंचुआ बना देगी
सदन में कल विपक्ष के विधायकों ने मेट्रो की धीमी रफ्तार और बगैर किसी योजना के कार्य करने का आरोप लगाया। इस पर मंत्री कैलाश ने सफाई देते हुए नेटम टेक्नॉलोजी के बारे में बताया, जिसे उन्होंने मजाक के लहजे में केंचुआ तकनीक कहा, जिससे जमीन के नीचे सुरंग बनाकर मेट्रो का रास्ता बनाया जाता है। इसी दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि इंदौर में मेट्रो बंजर जगहों पर बनाई जा रही है। और वहां कोई केंचुआ तकनीक काम नहीं आएगी। अगर यह किया गया तो कैलाश इंदौर की जनता तुम्हारा केंचुआ बना देगी।