क्या बर्फ पिघलने लगी है…सीएम यादव के साथ मंत्री विजयवर्गीय की इस तस्वीर ने मध्यप्रदेश की सियासत में शुरू किया चर्चाओं का दौर.
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर में कई कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का शुभारंभ करने के साथ ही कई अन्य सौगातें भी दी। इन सबके बीच एक तस्वीर सामने आई है, जिसने मध्यप्रदेश की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
दरअसल सीएम यादव ने आज भाजपा नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम मन की बात सुनी। इस दौरान वे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ बैठे नजर आए। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसमें दोनों नेताओं की मुखमुद्रा देख कर लोग कई तरह के कयास लगा रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या दोनों के बीच बर्फ पिघलने लगी है या फिर कुछ और ही खिचड़ी पक रही है।
जब से सरकार बनी तब से विरोध
भाजपा में यह बात आम है कि जब से डॉ.मोहन यादव ने सीएम का पद संभाला है, कैबिनेट में बड़ा पद मिलने के बाद भी मंत्री विजयवर्गीय ने हर कदम पर सीएम का विरोध ही किया है। यहां तक कि कैबिनेट की बैठक में भी दोनों के बीच की अदावत सामने आ चुकी है। भाजपा आलाकमान को भी यह बात पता है।
दिल्ली में भी संभाल रखा है मोर्चा
विजयवर्गीय के बारे में भाजपा में सबको पता है कि उन्होंने दिल्ली में भी सीएम के खिलाफ मोर्चा संभाल रखा है। वे बार-बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर अन्य बड़े नेताओं से मिलने जाते रहते हैं। जब से इस बात की चर्चा होने लगी कि मंत्रिमंडल विस्तार में विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित कुछ मंत्रियों की छुट्टी होने वाली है, विजयवर्गीय का दिल्ली दौरा और बढ़ गया है।
सीएम ने कभी नहीं दिया ध्यान
विजयवर्गीय की हरकतों का पता सीएम यादव को है, लेकिन वे कभी न तो इस पर ध्यान देते हैं और न ही कभी रिएक्ट करते हैं। जबकि, इंदौर के कई विधायक और नेता सीएम तक यह बातें पहुंचाते रहते हैं। इतना ही नहीं सीएम ने कभी विजयवर्गीय के मान-सम्मान में कोई कमी नहीं की, इसके विपरित मंत्रीजी हमेशा गड्ढा खोदने में जुटे रहते हैं।
आने वाले दिनों में खुलेगा तस्वीर का राज
भाजपा नेता कह रहे हैं कि आज जो तस्वीर सामने आई है, इसका राज आने वाले दिनों में खुलने वाला है। विजयवर्गीय अपने दिल्ली के संबंधों के दम पर कोशिश में जुटे हैं, लेकिन सीएम ने अपने काम के दम पर पार्टी में स्थिति इतनी मजबूत कर ली है कि उनका बाल बांका करना असंभव सा लगता है। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि काश, इस तस्वीर की कहानी का अंत सुखद हो। खैर, जितनी मुंह, उतनी बातें, लेकिन इतना तो तय है कि आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की सियासत में यह तस्वीर कोई न कोई मोड़ जरूर लेकर आएगी।