इंदौर भाजपा के नए धन्ना सेठ अक्षत चौधरी अब भोपाल में जुटे, इंदौर भाजयुमो में दाल नहीं गलती देख, प्रदेश कार्यकारिणी में जगह बनाने की कोशिश.
इंदौर। इंदौर भाजपा के नए धन्ना सेठ अक्षत चौधरी इन दिनों भोपाल में पूरी ताकत से जुटे हैं। इंदौर भाजयुमो अध्यक्ष बनने की चाहत में पिछले कुछ समय से उनकी सक्रियता खूब देखने को मिली। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से लेकर भाजपा के अन्य नेताओं की तरफ से उन्हें आश्वासन भी मिला था, लेकिन दाल गलती नहीं दिख रही। अब चौधरी भोपाल में प्रदेश भाजुयमो अध्यक्ष श्याम टेलर को खुश करने की कोशिश में लगे हैं, ताकि प्रदेश में ही कोई पद मिल जाए।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एक कार्यक्रम में अक्षत चौधरी और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का विवाद भी हुआ था। सुमित मिश्रा ने उनसे कह दिया था कि एक तुम ही नहीं हो, और भी हैं। सुमित मिश्रा को समझ में आ गया था कि धनबल के आधार पर अक्षत चौधरी पद पाने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद उन्होंने पल्ला झाड़ लिया था। इस पर अक्षत चौधरी ने सुमित मिश्रा को सुना दिया था कि अब बैनर-होर्डिंग किसी और से बनवा लेना और भीड़ भी जुटवा लेना। उस समय कुछ अन्य नेताओं के हस्तक्षेप से मामला सुलझ गया, लेकिन अक्षत चौधरी को लगने लगा कि उन्हें शायद अध्यक्ष पद न मिल पाए।
आयोजनों में खूब उड़ा रहे पैसा
अक्षत चौधरी को इंदौर भाजपा का धन्ना सेठ इसलिए कहा गया, क्योंकि वे पिछले कुछ समय से आयोजनों में खूब पैसा उड़ा रहे हैं। इसीलिए भाजपा नगर अध्यक्ष तक को धौंस दे देते हैं। अक्षत पैसे के दम पर पद पाने की कोशिश में लगे रहे और उन्हें यह मुगालता भी हो गया कि पैसा है तो पद भी जरूर मिलेगा।
प्रदेश अध्यक्ष से नजदीकी बढ़ाने में जुटे
बताया जाता है कि इंदौर में दाल नहीं गलती देख अक्षत अब भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर से नजदीकियां बढ़ाने में जुट गए। बार-बार उनका भोपाल आना-जाना हो रहा है। अक्षत पहले श्याम टेलर से इंदौर अध्यक्ष के लिए कह रहे थे, लेकिन अब उनकी कोशिश है कि इंदौर न सही कम से कम प्रदेश कार्यकारिणी में तो जगह मिल जाए। अक्षत चौधरी का मानना है कि धनबल के आधार पर प्रदेश में तो पद मिल ही जाएगा।
पैसे के दम पर नेतागिरी चलाने की कोशिश
इंदौर में भाजयुमो अध्यक्ष पद के कई दावेदारों के निशाने पर भी अक्षत चौधरी हैं। इन दावेदारों का कहना है कि संगठन में कोई पैसे के दम पर कैसे पद पा सकता है? और अक्षत के पास पैसे के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के कई नेता भी अक्षत का विरोध करते रहे हैं। ऐसे में अब देखना है कि अक्षत श्याम टेलर को अपने शीशे में कितना उतार पाते हैं।