जल जीवन मिशन से जुड़े रिश्वतखोरी मामले में मंत्री संपतिया उईके बोलीं-मुझे बेवजह किया जा रहा प्रताड़ित, पीएमओ की चिट्ठी के बाद सरकार ने ही शुरू कर दी है जांच.
भोपाल। जल जीवन मिशन में घूस लेने के गंभीर आरोपों पर मंत्री संपतिया उईके ने कहा है कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। मंत्री उईके ने कहा कि मैं जनता की सेवा कर रही हूं। इस मामले में मेरा जवाब मुख्यमंत्री देंगे। मंत्री उईके ने बताया कि वह इस मुद्दे को कैबिनेट बैठक में भी उठाएंगी और प्रेस वार्ता कर एक-एक सवाल का जवाब देंगी।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की आदिवासी मंत्री संपतिया उईके पर जल जीवन मिशन से जुड़े 1000 करोड़ रुपये की घूस लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। ये आरोप पूर्व विधायक किशोर समरीते ने लगाए हैं, जिनकी शिकायत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार ने खुद अपनी मंत्री के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। अब पीएचई विभाग के अधिकारी पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
12 अप्रैल को हुई थी पीएमओ को शिकायत
पूर्व विधायक किशोर समरीते 12 अप्रैल को पीएम को शिकायत भेजी थी। इसमें कहा गया है कि मंत्री ने मिशन से एक हजार करोड़ की कमीशन वसूली की है। शिकायत में तत्कालीन प्रमुख अभियंता बीके सोनगरिया और उनके अकाउंटेंट महेंद्र खरे पर करोड़ों रुपए की घूसखोरी के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही बैतूल में कार्यपालन यंत्री पर बिना किसी कार्य के 150 करोड़ रुपये निकालने का आरोप। छिदवाड़ा और बालाघाट में भी इसी तरह की अनियमितताएं। मुख्य अभियंता (मैकेनिकल) पर 2200 टेंडरों में बिना कार्य के राशि जारी करने का आरोप। और केंद्र सरकार को 7000 फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र भेजने का दावा।
सरकार ने ही बिठा दी जांच
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने अपने ही विभाग की मंत्री के खिलाफ जांच बैठा दी है। प्रमुख अभियंता (ईएनसी) संजय अंधवान ने जांच के आदेश प्रधानमंत्री से की गई शिकायत और केंद्र की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के बाद दिए हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय ने सभी मुख्य अभियंता पीएचई और परियोजना निदेशक मप्र जल निगम को इस मामले में चिट्ठी लिखकर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा। निर्देश में कहा गया कि भारत सरकार ने राज्य के जल जीवन मिशन को दिए 30 हजार करोड़ के खर्च की जांच की जाए। साथ ही पीएचई मंत्री संपतिया उईके और उनके लिए पैसा जमा करने वाले मंडला के कार्यपालन यंत्री की संपत्तियों की जांच के निर्देश दिए गए थे।
समरीते ने की है सीबीआई जांच की मांग
संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने अपने पत्र में लिखा था कि भारत सरकार द्वारा तेलगांना राज्य एवं दिल्ली राज्य में शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निर्देशालय तथा सीबीआई से करवायी गयी किंतु म.प्र. में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में जल जीवन मिशन में भारत सरकार द्वारा दिये गये 30 करोड़ रूपये मंत्री, अधिकारी तथा ठेकेदारों द्वारा दुरूपयोग कर लिया गया। इस मामले की जांच भारत सरकार द्वारा नहीं की जा रही है। म.प्र.शासन की विभागीय मंत्री संपतिया उइके एक हजार करोड़ रूपये इस योजना में कमीशन लिया तथा बड़ी राशि कार्यपालन यंत्री मण्डला भास्कर के माध्यम से ली गयीं। विभागीय मंत्री के अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता बी. के. सोनगरिया द्वारा इस योजना में ठेकेदारों से भारी कमीशन अपने अकाउंटेंट महेन्द्र खरे के माध्यम से लिया गया। यह राशि लगभग 2000 करोड़ की है। इसी लोक स्वास्थ्य यांत्र