एसआईआर के लिए कोई ओटीपी या एपीके फाइल मांगे तो हो जाएं सावधान, भोपाल पुलिस ने जारी की एडवाइजरी.
भोपाल। देश के 12 राज्यों के साथ ही मध्यप्रदेश में भी मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चल रहा है। इस दौरान साइबर ठगी से बचने के लिए भोपाल पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अपराधी सरकारी कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और एसआईआर फॉर्म अपडेट करने के बहाने लोगों से ओटीपी मांगते हैं या SIR.apk नाम की संदिग्ध फाइल डाउनलोड कराते हैं, जिसमें खतरनाक मालवेयर होता है। पुलिस के अनुसार यह मालवेयर मोबाइल में सेव फोटो, संपर्क, एसएमएस, बैंकिंग ऐप, सोशल मीडिया और यूपीआई लॉगिन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी चोरी कर सकता है। भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने इसे गंभीर साइबर खतरा बताते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।
एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि एसआईआर फॉर्म में मोबाइल नंबर देना सुरक्षित है, लेकिन किसी अनजान कॉल, व्हाट्सएप या एसएमएस पर मिला ओटीपी किसी भी व्यक्ति को न बताएं। न ही किसी अज्ञात लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड करें। पुलिस ने दोहराया कि कोई भी सरकारी विभाग कॉल या मैसेज के माध्यम से ओटीपी नहीं मांगता और न ही कोई ऐप इंस्टॉल करने का निर्देश देता है। पुलिस ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति एसआईआर फॉर्म के नाम पर कॉल कर दबाव बनाए या खुद को सरकारी अधिकारी बताकर धमकाए, तो इसकी तुरंत सूचना नजदीकी थाना या साइबर क्राइम शाखा को दें। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी के बारे में अपने परिवार और परिचितों को भी जागरूक करें, ताकि कोई भी साइबर अपराधियों का शिकार न बने। अगर कोई साइबर अपराधी आपसे संपर्क करता है तो इसकी जानकारी भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (9479990636), राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन (1930), शिकायत पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर की जा सकती है।
इस तरह हो सकती है धोखाधड़ी
-साइबर अपराधी SIR फॉर्म या इसी नाम से फर्जी कॉल कर आपसे OTP मांगते है।
-SIR.apk file नाम से फर्जी APK Install कराते हैं।
-ये सरकारी दिखने वाले नामों और लोगो का उपयोग करते हैं, ताकि आप भ्रमित हो जाएं।
इन बातों का ध्यान रखें
1. यदि किसी अनजान व्यक्ति का फोन आए और वह कहे कि आपके SIR फॉर्म के लिए आपके मोबाइल पर एक OTP भेजा गया है, कृपया वह हमें बता दें, तो किसी भी स्थिति में OTP साझा न करें। आप स्पष्ट रूप से कहें कि में इस विषय में केवल ऑफिस जाकर बात करूंगा, या अपने बीएलओ से ही संपर्क करूंगा। यदि इसके बाद भी फोन करने वाला व्यक्ति दवाव डाले, धमकी दे या ओटीपी बताने पर जोर दे, तो तुरंत पुलिस की मदद लें।
-कोई भी सरकारी एजेंसियां कभी भी CALL, WhatsApp, SMS या APK फाइल के माध्यम से OTP, बैंक खाते आदि की जानकारी नहीं मांगती हैं, जानकारी किसी से सांझा न करें।
-इस प्रकार की किसी SIR.apk file को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। आपके मोबाइल से कॉन्टैक्ट्स, फोटो, मैसेज, और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है। आपके SMS पढ़कर आपके बैंक खाते से पैसे निकाल सकता है। सोशल मीडिया, ईमेल और UPI ऐप्स के लॉगिन क्रेडेंशियल्स चुराए जा सकते हैं। आपके मोबाइल में वायरस या मालवेयर डाला जा सकता हैं।