मेनिनजाइटिस पर WHO की बड़ी पहल: पहली बार जारी किए गए वैश्विक दिशा-निर्देश, 2030 तक बीमारी खत्म करने का लक्ष्य.
मेनिनजाइटिस पर WHO की बड़ी पहल: पहली बार जारी किए गए वैश्विक दिशा-निर्देश, 2030 तक बीमारी खत्म करने का लक्ष्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार मेनिनजाइटिस की पहचान, उपचार और देखभाल को लेकर वैश्विक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस कदम का उद्देश्य इस घातक बीमारी से हर साल होने वाली लगभग 2.4 लाख मौतों को रोकना और वर्ष 2030 तक इसे पूरी तरह खत्म करना है।

प्रमुख लक्ष्य: मौतों में 70% और मामलों में 50% की कमी
WHO का लक्ष्य है कि टीकाकरण के ज़रिए मेनिनजाइटिस के रोके जा सकने वाले मामलों में 50 प्रतिशत और इससे होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत तक की कमी लाई जाए। साथ ही, इससे जुड़ी विकलांगता को भी न्यूनतम स्तर तक लाना है।
मेनिनजाइटिस की भयावह स्थिति
वर्ष 2019 में दुनियाभर में मेनिनजाइटिस के लगभग 25 लाख मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 16 लाख मामले बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस के थे। यह बीमारी हर साल वैश्विक स्तर पर करीब 2.4 लाख लोगों की जान ले लेती है।
समय पर पहचान और बेहतर देखभाल पर जोर
WHO द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य बीमारी की समय पर पहचान, प्रभावी और त्वरित इलाज तथा मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराना है। इन दिशा-निर्देशों के माध्यम से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है और बीमारी के कारण होने वाली अपंगता को भी कम किया जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य लक्ष्यों से जुड़ी पहल
यह पहल संयुक्त राष्ट्र की उस व्यापक स्वास्थ्य योजना का हिस्सा है जिसमें वर्ष 2030 तक मेनिनजाइटिस को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। WHO का मानना है कि नए दिशा-निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करके इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मेनिनजाइटिस पर WHO की बड़ी पहल: पहली बार जारी किए गए वैश्विक दिशा-निर्देश, 2030 तक बीमारी खत्म करने का लक्ष्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार मेनिनजाइटिस की पहचान, उपचार और देखभाल को लेकर वैश्विक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस कदम का उद्देश्य इस घातक बीमारी से हर साल होने वाली लगभग 2.4 लाख मौतों को रोकना और वर्ष 2030 तक इसे पूरी तरह खत्म करना है।
प्रमुख लक्ष्य: मौतों में 70% और मामलों में 50% की कमी
WHO का लक्ष्य है कि टीकाकरण के ज़रिए मेनिनजाइटिस के रोके जा सकने वाले मामलों में 50 प्रतिशत और इससे होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत तक की कमी लाई जाए। साथ ही, इससे जुड़ी विकलांगता को भी न्यूनतम स्तर तक लाना है।
मेनिनजाइटिस की भयावह स्थिति
वर्ष 2019 में दुनियाभर में मेनिनजाइटिस के लगभग 25 लाख मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 16 लाख मामले बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस के थे। यह बीमारी हर साल वैश्विक स्तर पर करीब 2.4 लाख लोगों की जान ले लेती है।
समय पर पहचान और बेहतर देखभाल पर जोर
WHO द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य बीमारी की समय पर पहचान, प्रभावी और त्वरित इलाज तथा मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराना है। इन दिशा-निर्देशों के माध्यम से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है और बीमारी के कारण होने वाली अपंगता को भी कम किया जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य लक्ष्यों से जुड़ी पहल
यह पहल संयुक्त राष्ट्र की उस व्यापक स्वास्थ्य योजना का हिस्सा है जिसमें वर्ष 2030 तक मेनिनजाइटिस को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। WHO का मानना है कि नए दिशा-निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करके इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।