कोविड का नया वैरिएंट LP.8.1: वैज्ञानिक फिर हुए अलर्ट.
कोरोना खत्म नहीं हुआ
भले ही कोरोनावायरस के मामले हाल के समय में सुर्खियों से गायब रहे हों, लेकिन यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते आ रहे हैं कि वायरस म्यूटेट होता रहता है, जिससे नए वैरिएंट के उभरने की संभावना बनी रहती है। हालिया रिपोर्ट्स में यह चिंता फिर से सही साबित हुई है।
ऑस्ट्रेलिया में मिला नया वैरिएंट
ऑस्ट्रेलिया के कुछ शहरों में कोरोनावायरस के नए वैरिएंट LP.8.1 की पहचान की गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। न्यू साउथ वेल्स में कोविड-19 के पांच में से एक मामले के लिए इस नए वैरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम के कुछ शहरों में भी इसके मामले सामने आए हैं।
क्या LP.8.1 वैरिएंट ज्यादा खतरनाक है?
LP.8.1, ओमिक्रॉन के KP.1.1.3 सब-वैरिएंट का एक प्रकार है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसके स्पाइक प्रोटीन में छह म्यूटेशन पाए गए हैं, जिससे यह इंसानी कोशिकाओं से अधिक आसानी से बाइंड हो सकता है। इसमें V445R नामक म्यूटेशन देखा गया है, जो इसे अधिक संक्रामक बना सकता है और संभवतः फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार इसके लक्षण अन्य वैरिएंट्स की तुलना में अधिक गंभीर नहीं हैं।
WHO की नजर में LP.8.1
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जनवरी 2025 में LP.8.1 को 'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया था। वर्तमान में यह ऑस्ट्रेलिया में XEC और KP.3 के बाद तीसरा सबसे प्रमुख स्ट्रेन बना हुआ है।
सतर्कता जरूरी!
हालांकि LP.8.1 को फिलहाल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इस पर नजर बनाए हुए हैं। इस साल अब तक ऑस्ट्रेलिया में लगभग 45,000 नए कोविड मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 260 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इस नए वैरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए सभी देशों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।