कोरोना का नया वैरिएंट LP.8.1 बढ़ा रहा चिंता, यूके और ऑस्ट्रेलिया में मामलों में इज़ाफा.
कोरोना का नया वैरिएंट LP.8.1 बढ़ा रहा चिंता, यूके और ऑस्ट्रेलिया में मामलों में इज़ाफा
संक्रमण में अचानक वृद्धि, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी
पिछले कुछ महीनों से दुनियाभर में कोविड-19 के मामलों में स्थिरता के चलते यह धारणा बन गई थी कि वायरस का खतरा अब लगभग समाप्त हो चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लगातार चेतावनी दी थी कि कोरोना जैसे आरएनए वायरस बार-बार म्यूटेट होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है।
अब यूके और ऑस्ट्रेलिया से आ रही हालिया रिपोर्ट्स इन चेतावनियों को सच साबित कर रही हैं। इन देशों के कई शहरों में कोविड-19 के एक नए वैरिएंट LP.8.1 के कारण मामलों में अचानक तेज़ वृद्धि देखने को मिली है।

ब्रिटेन में अस्पतालों में भर्ती का आंकड़ा सबसे ऊंचे स्तर पर
ब्रिटेन में कोविड के मामलों में हाल के हफ्तों में जबरदस्त उछाल आया है।
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एनएचएस इंग्लैंड के अनुसार, कोविड से संक्रमित 1,174 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 11.9% अधिक है।
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यह आंकड़ा दिसंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
एनएचएस इंग्लैंड के राष्ट्रीय चिकित्सा निदेशक प्रोफेसर स्टीफन पॉविस ने कहा:
"कोविड के मामले इस साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं।"
यह बयान उस समय आया है जब पूरे ब्रिटेन में कोविड स्प्रिंग बूस्टर कार्यक्रम शुरू किया गया है।
LP.8.1 वैरिएंट को बताया गया संक्रमण वृद्धि का प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर नए मामलों के लिए कोरोना का नया वैरिएंट LP.8.1 ज़िम्मेदार है। यह म्यूटेशन वायरस को अधिक संक्रामक बना सकता है, जिससे संक्रमण दर में वृद्धि हो रही है।
सतर्कता जरूरी
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फिर से सावधानी बरतने, वैक्सीनेशन और मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दी है।
यह स्थिति इस बात की याद दिलाती है कि कोरोना भले ही धीमा पड़ा हो, लेकिन खत्म नहीं हुआ है और इसकी वापसी किसी भी समय एक नई चुनौती बन सकती है।
कोरोना का नया वैरिएंट LP.8.1 बढ़ा रहा चिंता, यूके और ऑस्ट्रेलिया में मामलों में इज़ाफा
संक्रमण में अचानक वृद्धि, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी
पिछले कुछ महीनों से दुनियाभर में कोविड-19 के मामलों में स्थिरता के चलते यह धारणा बन गई थी कि वायरस का खतरा अब लगभग समाप्त हो चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लगातार चेतावनी दी थी कि कोरोना जैसे आरएनए वायरस बार-बार म्यूटेट होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है।
अब यूके और ऑस्ट्रेलिया से आ रही हालिया रिपोर्ट्स इन चेतावनियों को सच साबित कर रही हैं। इन देशों के कई शहरों में कोविड-19 के एक नए वैरिएंट LP.8.1 के कारण मामलों में अचानक तेज़ वृद्धि देखने को मिली है।
ब्रिटेन में अस्पतालों में भर्ती का आंकड़ा सबसे ऊंचे स्तर पर
ब्रिटेन में कोविड के मामलों में हाल के हफ्तों में जबरदस्त उछाल आया है।
एनएचएस इंग्लैंड के अनुसार, कोविड से संक्रमित 1,174 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 11.9% अधिक है।
यह आंकड़ा दिसंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
एनएचएस इंग्लैंड के राष्ट्रीय चिकित्सा निदेशक प्रोफेसर स्टीफन पॉविस ने कहा:
"कोविड के मामले इस साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं।"
यह बयान उस समय आया है जब पूरे ब्रिटेन में कोविड स्प्रिंग बूस्टर कार्यक्रम शुरू किया गया है।
LP.8.1 वैरिएंट को बताया गया संक्रमण वृद्धि का प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर नए मामलों के लिए कोरोना का नया वैरिएंट LP.8.1 ज़िम्मेदार है। यह म्यूटेशन वायरस को अधिक संक्रामक बना सकता है, जिससे संक्रमण दर में वृद्धि हो रही है।
सतर्कता जरूरी
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फिर से सावधानी बरतने, वैक्सीनेशन और मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दी है।
यह स्थिति इस बात की याद दिलाती है कि कोरोना भले ही धीमा पड़ा हो, लेकिन खत्म नहीं हुआ है और इसकी वापसी किसी भी समय एक नई चुनौती बन सकती है।