एसआईआर के विरोध में अब सचिन पायलट भी आए, कहा- जल्दबाजी में तय की गई समयसीमा, कुछ तो गड़बड़ है.
इंदौर। देश के कई राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में अब कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी उतर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फील्ड स्टाफ पर अनुचित दबाव और जल्दबाजी में की गई समयसीमा इस बात का संकेत है कि इस प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ है।
सचिन पायलट ने कहा कि इस देश में पहले भी कई बार एसआईआर आयोजित की जा चुकी है, लेकिन लोगों के मन में कभी कोई चर्चा या संदेह नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पहली बार चुनाव आयोग के रवैये ने नागरिकों में चिंता पैदा की है। पायलट ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में नाम हटाए गए और वर्तमान प्रक्रिया में शामिल अधिकारी भारी दबाव में हैं। कई राज्यों में लोग तनाव में हैं और कुछ तो दबाव के कारण आत्महत्या भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि कुछ गलत हो रहा है।
कांग्रेस की कोशिश है-किसी का नाम न छूटे
पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संस्था के रूप में काम करना चाहिए। वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण आयोग का काम है, किसी राजनीतिक दल का नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है कि कोई भी कमजोर नागरिक अपना मताधिकार न खो दे।हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जागरूकता की कमी या किसी के द्वारा उनका नाम हटाने की मंशा के कारण गरीब, दलित, आदिवासी और बुजुर्ग अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न हों। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक दबाव में की गई कोई भी कार्रवाई अस्वीकार्य होगी।