छठ का जिक्र कर राहुल गांधी ने किया केंद्र सरकार पर हमला, कहा-छतों तक लटके हैं लोग, 12,000 स्पेशल ट्रेनें कहां हैं?.
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को छठ महापर्व का हवाला देकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया। राहुल ने कहा कि छठ जैसे त्योहार के मौके पर बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं और यात्रियों को दरवाजों और छतों पर लटक कर जाना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि कई ट्रेनों में क्षमता से दोगुने यात्री सवार हो रहे हैं। उन्होंने एनडीए सरकार पर डबल इंजन वाला तंज कसते हुए पूछा है कि 12,000 स्पेशल ट्रेन कहां हैं? सोशल मीडिया पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाने और ट्रेनों की बोगियों में घुसने की जद्दोजहद कर रहे रेल यात्रियों वाले दो वीडियो शेयर करते हुए बिहार चुनाव और छठ जैसे मौके को देखते हुए उनकी सरकार पर जोरदार हमला किया है। राहुल ने एक्स पर दावा किया है बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं। टिकट मिलना असंभव है और सफर अमानवीय हो गया है। कई ट्रेनों की जितनी क्षमता है, उससे 200 प्रतिशत तक लोग सवार हो रहे हैं, दरवाजों और छत तक पर लटक रहे हैं।
राहुल गांधी ने लोगों के लिए छठ जैसे त्योहार के महत्त्व को समझाते हुए लिखा है, 'त्योहारों का महीना है, दिवाली, भाईदूज,छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ आस्था नहीं घर लौटने की लालसा भी है।....लेकिन यह लालसा अब संघर्ष बन गई है।' आगे उन्होंने आरोप लगाया है कि 'फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं.....कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें? सम्मानजनक यात्रा अधिकार,एहसान नहीं। राहुल ने लिखा है कि हर साल हालात बद से बदतर क्यों होते जाते हैं...क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?....अगर राज्य में रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तो उन्हें हजारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता। राहुल ने अपने आरोपों और दावों के अंत में लिखा है कि ये सिर्फ मजबूर यात्री नहीं, एनडीए की धोखेबाज नीतियों और नीयत का जीता-जागता सबूत हैं। यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है,कोई एहसान नहीं।