बेंगलुरु भगदड़ हादसे पर सियासत तेज, विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का लगाया आरोप.
बेंगलुरु भगदड़ हादसे पर सियासत तेज, विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का लगाया आरोप
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बुधवार को हुए भगदड़ हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद कर्नाटक में सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

बोम्मई ने की हाई कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार को गैरजिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,
"इस हादसे और गैरज़िम्मेदार सरकार की वजह से 11 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।"
बोम्मई ने मांग की कि इस मामले की जांच किसी मौजूदा हाई कोर्ट जज की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने कहा कि घटना की योजना, अनुमति और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों से पूछताछ होनी चाहिए।

डीके शिवकुमार ने बीजेपी पर साधा निशाना
वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस मुद्दे पर बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष इस दुखद घटना पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा,
"ऐसा नहीं होना चाहिए था और हमें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। स्टेडियम की क्षमता 35 हज़ार है लेकिन वहां 3 लाख से ज़्यादा लोग मौजूद थे।"
सरकार ने मांगी माफी , तथ्यों की जांच का भरोसा
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने घटना पर खेद जताते हुए कहा,
"हम इस घटना के लिए माफी मांगते हैं, लेकिन फिर भी हम तथ्य जानना चाहते हैं।"
सरकार की ओर से घटना की मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
यह हादसा आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ऐतिहासिक जीत के बाद आयोजित जश्न के दौरान हुआ, जब भारी संख्या में प्रशंसक स्टेडियम के बाहर उमड़ पड़े थे।