मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष, सर्वदलीय बैठक में बिहार की मतदाता सूची से लेकर ओडिशा में कानून व्यवस्था तक का मुद्दा उठा.
नई दिल्ली। 21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले रविवार को सभी पार्टियों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, ओडिशा में कानून-व्यवस्था और पहलगाम आतंकवादी हमले सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा।
केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकांश राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और उनके कनिष्ठ मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस के गौरव गोगोई एवं जयराम रमेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी आर बालू और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बैठक में भाग लेने वाले सांसदों में शामिल रहे।
ट्रंप के बयान का मामला उठा
सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता गौरव गगोई ने कहा कि संसद सत्र के दौरान सरकार से अहम सवालों का जवाब सुनने को मिलेगा, कुछ विशेष सवाल उठाएंगे। उम्मीद है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन को सबोधित करेंगे। पहलगाम में जो हुआ, उस पर सरकार को अपनी बात रखनी होगी। सेना को सब एकजुट होकर समर्थन दे। आज अमेरिका से जो बयान आ रहे हैं वह सेना की गरिमा पर सवाल उठाता है। पीएम को इसपर बोलना चाहिए। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कथित चुनावी घोटाले और भारत तथा पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मुद्दा उठाया।
ओडिशा में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
सर्वदलीय बैठक में बीजद नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि ओडिशा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, राज्य की भाजपा सरकार असहाय और विफल है। राज्यों में कानून-व्यवस्था की विफलता की जिम्मेदारी से केंद्र बच नहीं सकता, संसद में इस पर बहस होनी चाहिए। मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शरद पवार की पार्टी एनसीपी से सुप्रिया सुले, शिवसेना पार्टी से श्रीकांत शिंदे और उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी शिवसेना से अरविंद सावंत मौजूद थे। हालांकि, अजित पवार की पार्टी का एक भी नेता मौजूद नहीं है।
रिजिजू बोले- ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार-विपक्ष के बीच समन्वय होना चाहिए। हम मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने के प्रस्ताव पर सांसदों के हस्ताक्षरों की संख्या पहले ही 100 को पार कर चुकी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि छोटे राजनीतिक दलों, खासकर जिनके 1-2 सांसद हैं, को बोलने के लिए कम समय मिलता है क्योंकि समय उनकी संख्या के अनुसार आवंटित किया जाता है। लेकिन हमने इसका संज्ञान लिया है। हम छोटे दलों को पर्याप्त