भारत सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल ;राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन.
भारत सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल ;राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को सम्बोधित किया .उन्होंने अपने संबोधन में भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की का खासतौर पर जिक्र किया उन्होंंने कहा, वर्ष 2021 से वर्ष 2024 के बीच 8 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर हासिल करके, भारत सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. इससे न केवल देशवासियों के हाथों में अधिक पैसा आया है, बल्कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में भी भारी कमी आई है जो लोग अभी भी गरीबी से पीड़ित हैं, उनकी सहायता करने के साथ-साथ उन्हें गरीबी से बाहर निकालने के लिए भी सभी प्रयास किए जा रहे हैं.

उदाहरण के लिए, कोविड-19 के शुरुआती चरण में आरंभ की गई पीएम ग़रीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त राशन दिया जा रहा है.उन्होंने कहा, ये हम सभी के लिए गर्व की बात है कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और हम शीघ्र ही विश्व की तीन शीर्षस्थ अर्थव्यवस्थाओं में स्थान प्राप्त करने के लिए तैयार हैं.
भारत सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल ;राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को सम्बोधित किया .उन्होंने अपने संबोधन में भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की का खासतौर पर जिक्र किया उन्होंंने कहा, वर्ष 2021 से वर्ष 2024 के बीच 8 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर हासिल करके, भारत सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. इससे न केवल देशवासियों के हाथों में अधिक पैसा आया है, बल्कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में भी भारी कमी आई है जो लोग अभी भी गरीबी से पीड़ित हैं, उनकी सहायता करने के साथ-साथ उन्हें गरीबी से बाहर निकालने के लिए भी सभी प्रयास किए जा रहे हैं.
उदाहरण के लिए, कोविड-19 के शुरुआती चरण में आरंभ की गई पीएम ग़रीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त राशन दिया जा रहा है.उन्होंने कहा, ये हम सभी के लिए गर्व की बात है कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और हम शीघ्र ही विश्व की तीन शीर्षस्थ अर्थव्यवस्थाओं में स्थान प्राप्त करने के लिए तैयार हैं.