राहुल गांधी की क्लास में नफरत पर मोहब्बत से जीत का मंत्र, तैयार कर रहे ‘ओरिजनल’ कांग्रेसी युवाओं की टीम.
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के लिए युवाओं की टीम तैयार कर रहे हैं। जीयू जित्सु मार्शल आर्ट सेशन के माध्यम से वे देश के चुनिंदा युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनसे चर्चा कर रहे हैं और आगे कैसे लड़ी जानी है विचारधारा की लड़ाई इसका मंत्र दे रहे हैं।
पिछले दिनों दिल्ली में हुए जीयू जित्सु मार्शल आर्ट सेशन में इंदौर के युवा कांग्रेस नेता सुवेग राठी को भी बुलाया गया था। मध्यप्रदेश से सिर्फ उनका ही चयन इस ट्रेनिंग सेशन के लिए हुआ था। इसमें पूरे देश से 5 महिलाओं सहित 15 लोग शामिल हुए थे। मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्टधारी राहुल गांधी ने इस सेशन में धर्म, धर्मग्रंथों, धार्मिक प्रतीकों पर भी चर्चा की।
सुवेग राठी ने बताया मध्यप्रदेश का संघर्ष
इस सेशन में सुवेग राठी ने राहुल गांधी को बताया कि मध्यप्रदेश में हमें विपक्ष में रहते हुए लगभग 25 साल हो जाएंगे। हमारा प्रदेश मरुस्थल है और इंदौर तो ऐसी जगह है जहां लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है। हमारी पीढ़ी ने सिर्फ संघर्ष ही किया है। राठी ने बताया कि जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की सरकार गिरा दी तो उन्होंने सोशल मीडिया पर जमकर इसका विरोध किया। इसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया और धमकी भी दी गई।
राहुल ने कहा-मैंने कभी घृणा नहीं पाली
राहुल गांधी ने कहा कि मोहब्बत से ही नफरत को हराया जा सकता है। वर्तमान में जो कुछ भी हो रहा है, सबको पता है। महाराष्ट्र, हरियाणा सहित कई राज्यों में ईवीएम को लेकर जो सवाल उठाए गए, वे सबको पता हैं। उन्होंने सारी संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा जमा लिया है। डरना नहीं है और घृणा भी नहीं करनी है। मेरी दादी को 32 गोलियों से भून डाला गया। मेरे पिताजी का शरीर तक नहीं मिला, फिर भी मैंने घृणा नहीं पाली। जब भी कोई बड़ा मुद्दा उठाता हूं, मुझे ट्रोल किया जाता है लेकिन मैंने परवाह नहीं की। सच्चाई की लड़ाई लड़ते जाना है।
राहुल ने कहा जो ओरिजनल हैं, वही चाहिए
राहुल गांधी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग कांग्रेस में टिके हुए हैं, वे ओरिजनल हैं। मुझे ओरिजनल ही चाहिए। धैर्य रखना है। सच की जीत होती है। राहुल गांधी ने यह बात गुजरात में भी कही थी कि भले ही हर प्रदेश से 50-60 लोगों को पार्टी से निकालना पड़े चलेगा, लेकिन जो लोग दोनों तरफ हैं, वे नहीं चाहिए।