जिस शिवराज ने दिया ‘पद और टिकट’, उन्हीं को भूल गए थे गोलू शुक्ला, भाजपा नेताओं ने दिलाई ‘याद’ तो भागे-भागे मिलने पहुंचे.
इंदौर। आज केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर में थे। हालांकि इंदौर में उनका कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, लेकिन वे राजनीतिक चर्चाओं के कई विषय छोड़ गए। चर्चा का पहला विषय कैलाश विजयवर्गीय रहे, जो सारी अदावत भूलकर शिवराज से चिपकने की कोशिश में लगे रहे। दूसरी चर्चा क्षेत्र क्रमांक तीन के विधायक गोलू शुक्ला का सुबह से उनके साथ नहीं दिखना। अगर भाजपा नेताओं ने गोलू को बार-बार फोन नहीं किया होता, तो शायद वे शिवराज से मिलने नहीं पहुंचते।
गोलू शुक्ला की चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि शिवराज सिंह चौहान जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने ही गोलू शुक्ला को सारे मापदंड दरकिनार कर इंदौर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया था। इतना ही नहीं विधानसभा तीन में जब कई सारे जातीय और राजनीतिक समीकरण चल रहे थे तो सबकी अनदेखी कर गोलू शुक्ला को विधानसभा का टिकट दिलवाया। उस समय गोलू शुक्ला हर समय शिवराज के साथ चिपके नजर आते थे। इंदौर में शिवराज का कोई भी कार्यक्रम हो, गोलू शुक्ला फोटो फ्रेम में जरूर दिखते थे।
भाजपा नेता कह रहे गोलू की आस्था कुर्सी से
भाजपा के लोग ही कह रहे हैं कि गोलू शुक्ला की आस्था सिर्फ कुर्सी से है। भले ही कोई भी हो अगर सीएम की कुर्सी पर है तो वे उसके खास बने रहेंगे। कुर्सी से उतरते ही शिवराज की तरह भूल जाएंगे। अभी वे सीएम डॉ.मोहन यादव के खास बने हुए हैं। हर आयोजन में नजर आ जाते हैं और सीएम के इंदौर से रवाना होने तक हाजिरी भरते रहते हैं।
सीएम की गाड़ी में करने लगे सवारी
सीएम की गाड़ी में एक सीट मंत्री तुलसी सिलावट का आरक्षित था, लेकिन अब उसमें गोलू भी नजर आने लगे हैं। ऐसा सुमित मिश्रा के नगर अध्यक्ष बनने के बाद संभव हो पाया, क्योंकि पहले गौरव रणदिवे ने कभी भाव नहीं दिया। गौरव रणदिवे ने तय कर रखा था कि जिस की विधानसभा हो, वही सीएम की गाड़ी में सवारी करेगा, लेकिन सुमित मिश्रा के माध्यम से गोलू ने सीएम की गाड़ी में एक सीट आरक्षित कर ली है।
नेताओं से कहते रहे बीमारी की बात
गोलू शुक्ला को जब भाजपा के कई नेताओं ने याद दिलाया कि शिवराज जी इंदौर में हैं, आप कहां हो तो उन्होंने अपने बीमार होने की बात कही। अब भाजपा नेता ही यह सवाल भी उठा रहे हैं कि बीमार तो वे दो-तीन दिन से हैं, फिर एक दिन पहले ही बुधवार को जब सीएम डॉ.मोहन यादव इंदौर आए तो गोलू की तबीयत अचानक ठीक कैसे हो गई? खैर, लगातार फोन के बाद गोलू को शायद गलती का एहसास हुआ और वे भागे-भागे शिवराज से मिलने पहुंच गए, लेकिन चर्चाओं का बाजार थमा नहीं है। लोग तो कह ही रहे हैं कि सुबह से कहां थे शिवराज के खास गोलू शुक्ला।
कई सवाल छोड़ गया है शिवराज का दौरा
शिवराज सिंह चौहान सोयाबीन अनुसंधान केंद्र में बैठक के बाद इंदौर में विधायक रमेश मेंदोला के घर गए। इसके बाद वे मालिनी गौड़ और मनोज पटेल के घर भी गए। शिवराज का यह दौरा इंदौर में कई राजनीतिक चर्चाओं के साथ कुछ सवाल भी छोड़ गया है। सबसे बड़ी चर्चा तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेकर है। क्या शिवराज सबकुछ भूलकर विजयवर्गीय पर भरोसा करने की भूल करेंगे?