मध्यप्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर आई सामने, टैलेंट हंट विवाद के बाद मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का इस्तीफा.
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है। हाल ही में टैलेंट हंट हुआ था, जिसके कारण खींचतान और बढ़ गई ती। इसी विवाद में मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजा है।
हालांकि मुकेश नायक ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वे नए लोगों को आगे आने का अवसर देना चाहते हैं। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि दो वर्षों का कार्यकाल उन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाया। मुकेश नायक का कहना है कि संगठन के हित में यह फैसला लिया है और इस पर वे पहले भी प्रबंधन समिति की बैठक में अपनी बात रख चुके थे।

प्रवक्ताओं के टैलेंट हंट को लेकर हुआ था विवाद
कांग्रेस में प्रवक्ताओं के टैलेंट हंट कार्यक्रम को विवाद हुआ था। जहां एक ही उद्देश्य के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों द्वारा कमेटियां बना दी गईं। नतीजा यह हुआ कि लेटर पर लेटर जारी हुए और अंत में प्रभारी महासचिव ने बनी हुई समिति को ही निरस्त कर दिया। इस घटनाक्रम से साफ जाहिर है कि पार्टी में गुटबाजी किस कदर हावी है और नेताओं में आपस में समन्वय नहीं हैं।
मुकेश नायक ने बनाई थी 13 सदस्यीय कमेटी
मुकेश नायक ने हाल ही में 13 सदस्यीय टैलेंट हंट कमेटी का गठन किया। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए पूरे प्रदेश को छह क्लस्टर में बांटने का निर्णय भी लिया गया। इसका उद्देश्य प्रवक्ताओं की पहचान और प्रशिक्षण को क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर बनाना बताया गया। मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी महासचिव अभय तिवारी ने मीडिया अध्यक्ष द्वारा गठित इस समिति को निरस्त कर दिया। उनके आदेश के बाद पूरी कवायद पर सवाल खड़े हो गए।
एक ही आयोजन के लिए आपस में भिड़े पदाधिकारी
मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक द्वारा बनाई गई इस कमेटी को मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी महासचिव अभय तिवारी ने निरस्त कर दिया। उन्होंने पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि इस तरह की कमेटी का गठन उनके विभाग की अनुमति और समन्वय के बिना किया गया है। इससे पहले संगठन प्रभारी महासचिव संजय कामले ने 09 दिसंबर को ही टैलेंट हंट को लेकर एक अलग कमेटी के गठन का पत्र जारी कर दिया था। यानी एक ही टैलेंट हंट कार्यक्रम के लिए एक कमेटी संगठन प्रभारी की, दूसरी मीडिया अध्यक्ष की और फिर तीसरी कार्रवाई के तौर पर कम्युनिकेशन विभाग द्वारा निरस्त कर दी गई।