मनरेगा का नाम बदलने पर बोले कांग्रेस नेता राहुल गांधी-पीएम मोदी को महात्मा गांधी के विचारों से है नफरत.
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा का नाम बदलने को लेकर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस इस मामले में सरकार पर हमलावर है। मंगलवार को संसद में कांग्रेस के अधिकांश नेताओं ने इसका जोरदार विरोध किया। अब राहुल गांधी ने भी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी को महात्मा गांधी के विचारों और गरीब लोगों के अधिकारों से पक्की नफरत है।
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि मोदी जी को दो चीजों से पक्की नफरत है - महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से। मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है। करोड़ों ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ, मगर प्रधानमंत्री मोदी को यह योजना हमेशा खटकती रही। पिछले 10 सालों से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं।
राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जी राम जी बिल का लाना, महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान करना हैइस योजना को हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गांव के गरीब लोगों की सुरक्षित आजीविका को खत्म करना चाहती है। राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा ही महात्मा गांधी के विचारों के खिलाफ रहते हैं और वे 2014 से उनके नाम से चल रही योजनाओं को कमजोर करते जा रहे हैं।
राहुल गांधी के अनुसार मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर थी। पहला -रोजगार का अधिकार - जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा। दूसरा-गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता और तीसरा-केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75 फीसदी देगी।अब प्रधानमंत्री मोदी इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिर्फ अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं। बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा। राज्यों को 40 फीसदी खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा। बजट खत्म होते ही या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा।