महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महायुति की कलह उजागर: भाजपा ने सहयोगी एनसीपी के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महायुति की कलह उजागर: भाजपा ने सहयोगी एनसीपी के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है। इस चुनावी सरगर्मी के बीच सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर भी तनाव साफ नजर आने लगा है। जहां भाजपा चुनाव प्रचार के दौरान अपने सहयोगी दल अजित पवार की एनसीपी पर हमलावर है, वहीं अजित पवार भी आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं। महायुति में बढ़ती खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है।
इसी क्रम में भाजपा ने अब अपने ही सहयोगी दल एनसीपी के खिलाफ चुनाव आयोग का रुख किया है। महाराष्ट्र भाजपा के महासचिव राजेश पांडे के अनुसार, पार्टी ने पुणे में नगर निकाय चुनावों से पहले एनसीपी और अन्य दलों द्वारा कथित तौर पर लगाए गए अवैध होर्डिंग्स और फ्लेक्स-बैनरों को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई है।
राजेश पांडे ने बताया कि भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह के फ्लेक्स या होर्डिंग्स न लगाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनावों से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अन्य दलों ने पूरे शहर में अनाधिकृत बैनर लगाए हैं, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। इसी को लेकर चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत की गई है।
दरअसल, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अवैध होर्डिंग्स और फ्लेक्स-बैनर लगाने से बचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे बैनर शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके बाद पुणे भाजपा ने शहर को बैनर-पोस्ट मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर भी निशाना साधा था। उन्होंने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की आलोचना करने पर आपत्ति जताई। फडणवीस ने कहा कि दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने के बावजूद एक ‘सौहार्दपूर्ण’ मुकाबले पर सहमति जताई थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और एनसीपी ने काफी पहले तय कर लिया था कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के नगर निगम चुनावों में वे सहयोगी के तौर पर चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि दोनों ही इस क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक ताकत रखते हैं।