सीलिंग की जमीन गलत तरीके से प्राइवेट पार्टी के नाम करने वाले जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी को कलेक्टर ने हटाया, एचबीटीवी न्यूज के खुलासे के बाद कॉलोनी सेल का प्रभार भी छीना.
इंदौर। इंदौर के निपानिया में सीलिंग की जमीन एक प्राइवेट पार्टी को सौंपने वाले जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त एक्शन लिया है। कलेक्टर ने सोनी को न केवल जूनी इंदौर से हटाकर देपलापुर का तहसीलदार बना दिया है, बल्कि उनसे कॉलोनी सेल का प्रभार भी ले लिया है।
उल्लेखनीय है कि एचबीटीवी न्यूज ने शुक्रवार 20 फरवरी को इस मामले का खुलासा किया था। इस मामले की जानकारी जब कलेक्टर शिवम वर्मा को लगी तो उन्होंने अपने स्तर पर इसकी जांच कराई। प्रारंभिक दृष्टि से एसडीएम सोनी दोषी पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने प्रदीप सोनी को जूनी इंदौर से हटाकर उन्हें देपालपुर का एसडीएम बना दिया है। इतना ही नहीं जिस कॉलोनी सेल में रहकर प्रदीप सोनी फर्जीवाड़ा कर रहे थे, उससे भी उन्हें हटा दिया गया है।
कॉलोनी सेल अब रोशनी पाटीदार के पास
कलेक्टर के 21 फरवरी के जारी आदेश में घनश्याम धनगर, संयुक्त कलेक्टर को जूनी इंदौर का एसडीएम बनाया गया है। इसके साथ ही अब प्रदीप सोनी की जगह कॉलोनी सेल का काम संयुक्त कलेक्टर रोशनी पाटीदार को सौंप दिया गया है। नए आदेश में संयुक्त कलेक्टर राकेश मोहन को सांवेर का एसडीएम बनाया गया है।
कलेक्टर को मिली थी काफी शिकायतें
सूत्र बताते हैं कि प्रदीप सोनी के खिलाफ कलेक्टर को काफी शिकायतें मिली थीं। बड़े अधिकारियों के नाम पर सोनी कई सारे खेल कर रहे थे। भूमाफियाओं के साथ मिलकर सबसे ज्यादा गड़बड़ी उन्होंने कॉलोनी सेल में की है। निपानिया की जमीन के मामले में जब बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई तो प्रदीप सोनी की कलई खुल गई। इसके बाद कलेक्टर ने सख्त एक्शन लेने का फैसला किया।
बचाने में जुट गए थे भूमाफिया
एचबीटीवी न्यूज की खबर सामने आने के बाद प्रदीप सोनी को बचाने में भूमाफिया जुट गए थे। भूमाफियाओं ने अपने से जुड़े कुछ मीडियाकर्मियों के माध्यम से यह खबर भी चलवाई कि प्रदीप सोनी ने कुछ गलत नहीं किया है। जिस जमीन की बात की जा रही है, वह कभी भी कभी भी शासकीय सीलिंग की नही रही है। वह जमीन निजी व्यक्तियों के नाम पर ही दर्ज है। एसडीएम सोनी के ये सारे दावे गलत निकले।
पूर्व कलेक्टर के आदेश को झुठला रहे थे सोनी
उल्लेखनीय है कि पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह ने 4 नवंबर 2022 को नगर भूमि सीमा अधिनियम 1976 की धारा 19(5) तथा 20 (क) के तहत एक आदेश जारी किया था। इसमें कई जमीनों के खसरा नंबरों का उल्लेख कर कहा गया था कि इनकी सुनवाई कर गुण-दोष के आधार पर इन्हें शासन में वेष्ठित किया जाए। इस आदेश में संलग्न जमीनों की सूची में ग्राम निपनिया तहसील जूनी इंदौर की भूमि खसरा क्रमांक 279/1/1 की भूमि भी शामिल थी। इसमें सीलिंग के प्रकरण क्रमांक 4/अ 90/सी 1/ 19 (5)/ 1995-96 अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को कहा गया था कि उपरोक्त भूमि के संबंध में भूमि सीमा अधिनियम 1976 की धारा 19(5) एवं 20 ( क) की शर्तों अनुसार भूमि को शासन में अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। सोनी इस आदेश को झुठलाने में लगे हुए थे।
सोनी ने जारी कर दिया था नक्शा संशोधन आदेश
इस मामले में एसडीएम जूनी इंदौर प्रदीप सोनी ने प्रकरण क्रमांक 0222/अ 6 अ/2024-25 में ग्राम निपनिया की भूमि सर्वे नंबर 279/1/1/1 व 279/1/2/3 को शासन में अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव न भेजते हुए आवेदक मेसर्स कैच रियलिटी तरफे संजय पिता चंद्रगोपाल लड्डा के आवेदन पर उक्त भूमि के नक्शा संशोधन का आदेश जारी कर दिया। इसी जमीन पर चंद्र लीला होटल व गार्डन बना हुआ है।