इंदौर। हर साल अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण रहते हैं। इसीलिए चांद की रोशनी में खीर बनाया जाता है। इसे खाने से कई बीमारियां दूर हो जाती हैं। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने का भी है। इस दिन कुछ उपाय कर आप अपने घर से दरिद्रता दूर कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करने आती हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार शरद पूर्णिमा सुबह माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करें। इसके साथ ही माता लक्ष्मी को पीले रंग की कौड़ियां अर्पित करें। अगले दिन इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर धन रखने वाले स्थान पर रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन की कोई कमी नहीं रहेगी। इस दिन गरीब व्यक्ति को अन्न और वस्त्र दान करें। इससे भी आपको माता लक्ष्मी की कृपा मिलती है। दान के लिए इस तिथि का काफी महत्व है। इस दिन पूजा में पान के पत्ते का इस्तेमाल जरूर करें। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में घर के सदस्यों को खिला दें। इस दिन काले या गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें। सफेद या चमकीले कपड़े पहनें तो ज्यादा फायदा होगा।
आज के दिन खीर का विशेष महत्व
मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चांद से अमृत वर्षा होती है। इसलिए चांद की रोशनी में खीर बनाने का विशेष महत्व है। अगर आप चंद्रमा की रोशनी में इसे बना नहीं सकते तो बनाकर खुले आसमान के नीचे रख दें। इससे कई तरह की बीमारियां दूर होती हैं। कहा जाता है कि इस खीर के खाने से स्वांस रोग और चर्म रोग में फायदा होता है। इसके साथ ही यह आंखों की रोशनी भी बढ़ाता है। इस खीर को माता लक्ष्मी को चढ़ाने के बाद प्रसाद के रूप में खाने से धन की समस्या भी दूर होती है।
इंदौर। हर साल अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण रहते हैं। इसीलिए चांद की रोशनी में खीर बनाया जाता है। इसे खाने से कई बीमारियां दूर हो जाती हैं। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने का भी है। इस दिन कुछ उपाय कर आप अपने घर से दरिद्रता दूर कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करने आती हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार शरद पूर्णिमा सुबह माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करें। इसके साथ ही माता लक्ष्मी को पीले रंग की कौड़ियां अर्पित करें। अगले दिन इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर धन रखने वाले स्थान पर रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन की कोई कमी नहीं रहेगी। इस दिन गरीब व्यक्ति को अन्न और वस्त्र दान करें। इससे भी आपको माता लक्ष्मी की कृपा मिलती है। दान के लिए इस तिथि का काफी महत्व है। इस दिन पूजा में पान के पत्ते का इस्तेमाल जरूर करें। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में घर के सदस्यों को खिला दें। इस दिन काले या गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें। सफेद या चमकीले कपड़े पहनें तो ज्यादा फायदा होगा।
आज के दिन खीर का विशेष महत्व
मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चांद से अमृत वर्षा होती है। इसलिए चांद की रोशनी में खीर बनाने का विशेष महत्व है। अगर आप चंद्रमा की रोशनी में इसे बना नहीं सकते तो बनाकर खुले आसमान के नीचे रख दें। इससे कई तरह की बीमारियां दूर होती हैं। कहा जाता है कि इस खीर के खाने से स्वांस रोग और चर्म रोग में फायदा होता है। इसके साथ ही यह आंखों की रोशनी भी बढ़ाता है। इस खीर को माता लक्ष्मी को चढ़ाने के बाद प्रसाद के रूप में खाने से धन की समस्या भी दूर होती है।