आईसीएसएसआर का लोकनीति-सीएसडीएस को कारण बताओ नोटिस
प्रो. संजय कुमार का विवादित पोस्ट
लोकनीति-सीएसडीएस के प्रोफ़ेसर संजय कुमार ने 17 अगस्त को एक्स पर दावा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा सीटों पर वोटों की संख्या में कमी आई है।
बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया और स्वीकार किया कि उनकी टीम से आंकड़ों के विश्लेषण में गलती हुई थी। इस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
आईसीएसएसआर की आपत्ति
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि,
- “आईसीएसएसआर से वित्त पोषित संस्थान सीएसडीएस में जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति ने मीडिया में बयान दिए, जिन्हें बाद में डेटा विश्लेषण की गड़बड़ी बताकर वापस लेना पड़ा।”
- “संस्थान ने चुनाव आयोग के एसआईआर अभियान की पक्षपातपूर्ण व्याख्या की और उस आधार पर मीडिया में खबरें प्रकाशित कराईं।”
डेटा में हेरफेर का आरोप
आईसीएसएसआर का मानना है कि सीएसडीएस का यह प्रयास डेटा में हेराफेरी और चुनाव आयोग की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश माना जाएगा।
अनुदान नियमों का उल्लंघन
परिषद ने स्पष्ट किया कि यह कदम अनुदान नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसी कारण लोकनीति-सीएसडीएस को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।
आईसीएसएसआर का लोकनीति-सीएसडीएस को कारण बताओ नोटिस
प्रो. संजय कुमार का विवादित पोस्ट
लोकनीति-सीएसडीएस के प्रोफ़ेसर संजय कुमार ने 17 अगस्त को एक्स पर दावा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा सीटों पर वोटों की संख्या में कमी आई है।
बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया और स्वीकार किया कि उनकी टीम से आंकड़ों के विश्लेषण में गलती हुई थी। इस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
आईसीएसएसआर की आपत्ति
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि,
“आईसीएसएसआर से वित्त पोषित संस्थान सीएसडीएस में जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति ने मीडिया में बयान दिए, जिन्हें बाद में डेटा विश्लेषण की गड़बड़ी बताकर वापस लेना पड़ा।”
“संस्थान ने चुनाव आयोग के एसआईआर अभियान की पक्षपातपूर्ण व्याख्या की और उस आधार पर मीडिया में खबरें प्रकाशित कराईं।”
डेटा में हेरफेर का आरोप
आईसीएसएसआर का मानना है कि सीएसडीएस का यह प्रयास डेटा में हेराफेरी और चुनाव आयोग की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश माना जाएगा।
अनुदान नियमों का उल्लंघन
परिषद ने स्पष्ट किया कि यह कदम अनुदान नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसी कारण लोकनीति-सीएसडीएस को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।