जेलेंस्की ने पीएम मोदी को धन्यवाद कहा, शांति प्रयासों में भारत से योगदान की उम्मीद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए धन्यवाद दिया।

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा:
"हम शांति और संवाद के प्रति भारत के समर्पण की सराहना करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि जब पूरी दुनिया इस भयावह युद्ध को सम्मानजनक और स्थायी शांति के साथ ख़त्म करने की कोशिश कर रही है, तब उन्हें भारत के योगदान की उम्मीद है।
युद्ध की स्थिति
- रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है।
- अमेरिका समेत कई देश लगातार इस संघर्ष को खत्म करने के प्रयास कर रहे हैं।
- हाल ही में अमेरिका के अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत हुई थी।
- इसके बाद ट्रंप और यूरोपियन यूनियन देशों के बीच भी चर्चा हुई, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की के बीच इस मुद्दे पर पहले भी कई बार बातचीत हो चुकी है।
भारत लगातार युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की अपील करता रहा है।
जेलेंस्की ने पीएम मोदी को धन्यवाद कहा, शांति प्रयासों में भारत से योगदान की उम्मीद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए धन्यवाद दिया।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा:
"हम शांति और संवाद के प्रति भारत के समर्पण की सराहना करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि जब पूरी दुनिया इस भयावह युद्ध को सम्मानजनक और स्थायी शांति के साथ ख़त्म करने की कोशिश कर रही है, तब उन्हें भारत के योगदान की उम्मीद है।
युद्ध की स्थिति
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है।
अमेरिका समेत कई देश लगातार इस संघर्ष को खत्म करने के प्रयास कर रहे हैं।
हाल ही में अमेरिका के अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत हुई थी।
इसके बाद ट्रंप और यूरोपियन यूनियन देशों के बीच भी चर्चा हुई, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की के बीच इस मुद्दे पर पहले भी कई बार बातचीत हो चुकी है।
भारत लगातार युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की अपील करता रहा है।