कीव पर रूस का भीषण हमला: मिसाइल-ड्रोन बारिश के बीच और भयावह हुआ यूक्रेन युद्ध.
कीव पर रूस का भीषण हमला: मिसाइल-ड्रोन बारिश के बीच और भयावह हुआ यूक्रेन युद्ध
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इस हमले में किंझाल हाइपरसोनिक, इस्कैंडर बैलिस्टिक और कालिब्र क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में कई ज़ोरदार विस्फोट हुए। हमले के बाद कीव से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित ब्रावरी शहर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

लगभग चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध थमने के बजाय दिन-प्रतिदिन और अधिक घातक रूप लेता जा रहा है।बीती रात हुए इस हमले के दौरान कीव और आसपास के इलाकों में लगातार विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच फ्लोरिडा में प्रस्तावित शांति बैठक की तैयारियां चल रही थीं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि शांति प्रयासों के बावजूद यह संघर्ष फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा, बल्कि और भयावह होता जा रहा है। हालांकि अमेरिका समेत कई देश इस युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं।
इससे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि ट्रंप के साथ प्रस्तावित बैठक से शांति समझौते की दिशा में अहम प्रगति हो सकती है। यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया 20-बिंदुओं का शांति प्लान लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिसमें यूक्रेन की सुरक्षा और सहयोगी देशों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया है। वहीं ट्रंप ने साफ किया है कि उनकी मंजूरी के बिना कोई भी शांति समझौता लागू नहीं होगा।
दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके बलों ने दक्षिणी यूक्रेन में मोर्चों पर आगे बढ़ते हुए ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र के कोसोवत्सेवो कस्बे पर कब्जा कर लिया है। रूस के अनुसार, 20 से 26 दिसंबर के बीच यूक्रेन में एक बड़ा और पांच समूह हमले किए गए, जिनमें किंझाल हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि ये हमले रूस के भीतर नागरिक ठिकानों पर हुए यूक्रेनी हमलों के जवाब में किए गए। उनका उद्देश्य यूक्रेन के रक्षा उद्योग, ऊर्जा सुविधाओं, परिवहन नेटवर्क, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सैन्य उपकरण भंडारों को निशाना बनाना था।