रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल यूक्रेन-रूस के लिए विशेष दूत ;ट्रंप.
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ होंगे यूक्रेन-रूस के लिए विशेष दूत ;ट्रंप
अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन रूस के लिए विशेष दूत नियुक्त करने की बात कही है इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रिटायर्ड लेफ़्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग को चुना है ट्रम्प ने केलॉग को रूस-यूक्रेन मामलों का विशेष दूत नियुक्त किया है.यूक्रेन में जंग खत्म करने को लेकर होने वाली बातचीत में केलॉग के मुख्य भूमिका निभाने की संभावना है.

गौरतलब है कि ट्रंप ने कार्यभार ग्रहण करने के पहले दिन ही इस जंग को खत्म कराने का वादा किया है,ये नियुक्ति उसी वादे का हिस्सा बताई जा रही है केलॉग जंग खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन से कड़ी बातचीत करने के समर्थक रहे हैं.केलॉग का प्रस्ताव है कि यूक्रेन पर रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल होने का दबाव डाला जाए और उसी सूरत में कीव को अमेरिकी मदद दी जाए. अगर मॉस्को शांति वार्ता में शामिल नहीं होता है तो वॉशिंगटन कीव को दी जाने वाली मदद को और बढ़ा दे.
फिलहाल तो यूक्रेन और रूस में युद्ध जारी है और दोनों ही और से हमले तेज हैं अब देखना होगा कि विशेष दूत बातचीत से रास्ता निकालने में कितने कामयाब हो पाते हैं
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ होंगे यूक्रेन-रूस के लिए विशेष दूत ;ट्रंप
अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन रूस के लिए विशेष दूत नियुक्त करने की बात कही है इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रिटायर्ड लेफ़्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग को चुना है ट्रम्प ने केलॉग को रूस-यूक्रेन मामलों का विशेष दूत नियुक्त किया है.यूक्रेन में जंग खत्म करने को लेकर होने वाली बातचीत में केलॉग के मुख्य भूमिका निभाने की संभावना है.
गौरतलब है कि ट्रंप ने कार्यभार ग्रहण करने के पहले दिन ही इस जंग को खत्म कराने का वादा किया है,ये नियुक्ति उसी वादे का हिस्सा बताई जा रही है केलॉग जंग खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन से कड़ी बातचीत करने के समर्थक रहे हैं.केलॉग का प्रस्ताव है कि यूक्रेन पर रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल होने का दबाव डाला जाए और उसी सूरत में कीव को अमेरिकी मदद दी जाए. अगर मॉस्को शांति वार्ता में शामिल नहीं होता है तो वॉशिंगटन कीव को दी जाने वाली मदद को और बढ़ा दे.
फिलहाल तो यूक्रेन और रूस में युद्ध जारी है और दोनों ही और से हमले तेज हैं अब देखना होगा कि विशेष दूत बातचीत से रास्ता निकालने में कितने कामयाब हो पाते हैं