गाजा में राहत संकट: गोलीबारी, भुखमरी और बिगड़ते हालात.
गाजा में राहत संकट: गोलीबारी, भुखमरी और बिगड़ते हालात
भोजन की कमी से हालात बदतर
गाजामें राहत सामग्री का वितरण रुकने से फिलिस्तीनी नागरिक बेहद परेशान हैं। लगातार बिगड़ती मानवीय स्थिति के कारण भोजन और पोषण की भारी कमी हो गई है। कुपोषण का असर बच्चों और वयस्कों दोनों पर देखने को मिल रहा है।
राहत के इंतजार में गोलीबारी, 48 फिलिस्तीनियों की मौत
गाजा पट्टी में राहत सामग्री का इंतजार कर रहे फिलिस्तीनियों पर की गई गोलीबारी में कम से कम 48 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कुछ शवों को अन्य अस्पतालों में भी ले जाया गया है।

कुपोषण से बच्चों और वयस्कों की मौत
स्वास्थ्य अविभाग के मुताबिक इजराइली हमलों और गोलीबारी में बुधवार तक कम से कम 48 फिलिस्तीनी मारे गए, वहीं एक बच्चे समेत सात अन्य की मौत कुपोषण से संबंधित कारणों से हुई। अब तक 89 बच्चे और 65 वयस्क कुपोषण से अपनी जान गंवा चुके हैं।
इजराइली सेना की प्रतिक्रिया
इस गोलीबारी पर इजराइली सेना की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। सेना का कहना है कि वह केवल चरमपंथियों को निशाना बना रही है और नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय है।
राहत ट्रकों की संख्या नाकाफी
वैश्विक दबाव के कारण इजराइल ने गाजा में राहत पहुंचाने के कुछ प्रयास किए हैं। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुसार गाजा को रोजाना कम से कम 500-600 ट्रकों की जरूरत है जबकि २०० के आसपास पहुंच रहे हैं
गहराता मानवीय संकट
मार्च से गाजा में खाद्य, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति ठप है। मई में थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब तक सीमित मात्रा में ही मदद पहुंच पाई है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संस्थाएं लगातार चेतावनी दे रही हैं कि अगर त्वरित राहत नहीं पहुंचाई गई, तो गाजा में भुखमरी और मौत का संकट और भी गहरा जाएगा।