चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा करें ;शेख हसीना .
चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा करें ;शेख हसीना
चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का मामला गरमाता जा रहा है भारत ने जहां इस पर कड़ी आपत्ति ली है वही अब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा करने की मांग की है.शेख हसीना के बयान को उनकी पार्टी अवामी लीग ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट किया है.

बयान में चिन्मय कृष्णा दास की रिहाई की मांग करते हुए लिखा गया, सनातन धार्मिक समुदाय के एक शीर्ष नेता को अन्यायपूर्वक गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. चटगांव में एक मंदिर जला दिया गया है. सभी समुदायों के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
पोस्ट किए गए बयान के में कहा गया है,चटगांव में एक वकील की हत्या कर दी गई है. इस हत्या का कड़ा विरोध हो रहा है. इस हत्या में शामिल लोगों को जल्द ढूंढकर सजा दी जानी चाहिए. इस घटना से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है.
पूर्व प्रधानमंत्री के बयान में लिखा गया है, 'अगर असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा करने वाली यूनुस सरकार इन आतंकवादियों को दंडित करने में नाकाम रहती है, तो उसे मानवाधिकार उल्लंघन के लिए भी सजा का सामना करना पड़ेगा. मैं देश के लोगों से अपील करती हूं कि वे इस तरह के आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ एकजुट हों. आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.
चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा करें ;शेख हसीना
चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का मामला गरमाता जा रहा है भारत ने जहां इस पर कड़ी आपत्ति ली है वही अब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा करने की मांग की है.शेख हसीना के बयान को उनकी पार्टी अवामी लीग ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट किया है.
बयान में चिन्मय कृष्णा दास की रिहाई की मांग करते हुए लिखा गया, सनातन धार्मिक समुदाय के एक शीर्ष नेता को अन्यायपूर्वक गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. चटगांव में एक मंदिर जला दिया गया है. सभी समुदायों के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
पोस्ट किए गए बयान के में कहा गया है,चटगांव में एक वकील की हत्या कर दी गई है. इस हत्या का कड़ा विरोध हो रहा है. इस हत्या में शामिल लोगों को जल्द ढूंढकर सजा दी जानी चाहिए. इस घटना से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है.
पूर्व प्रधानमंत्री के बयान में लिखा गया है, 'अगर असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा करने वाली यूनुस सरकार इन आतंकवादियों को दंडित करने में नाकाम रहती है, तो उसे मानवाधिकार उल्लंघन के लिए भी सजा का सामना करना पड़ेगा. मैं देश के लोगों से अपील करती हूं कि वे इस तरह के आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ एकजुट हों. आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.