प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा आज से शुरू: FTA समझौते, खालिस्तानी मुद्दे और वैश्विक सहयोग पर होगा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से अपनी चौथी ब्रिटेन यात्रा पर रवाना होंगे। यह यात्रा 23 से 24 जुलाई, 2025 तक चलेगी और इसका मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देना है। साथ ही वे खालिस्तानी चरमपंथ, वैश्विक सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, और प्रत्यर्पण जैसे द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

प्रमुख कार्यक्रम और चर्चाएं
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान:
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
- ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय से मुलाकात करेंगे।
- दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं से भी बातचीत करेंगे।
- भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे — जिसमें अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, और लोगों से लोगों के संबंध प्रमुख विषय होंगे।
24 जुलाई को FTA पर हस्ताक्षर
यात्रा के सबसे अहम पड़ाव में, 24 जुलाई को भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ लंदन में मौजूद रहेंगे।
समझौते की मुख्य बातें:
- भारत के चमड़ा, जूते और वस्त्र जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के निर्यात पर शुल्क में छूट।
- ब्रिटेन से व्हिस्की और कारों का आयात सस्ता होगा।
- लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना।
आर्थिक साझेदारी की स्थिति
- ब्रिटेन, भारत में छठा सबसे बड़ा निवेशक है — कुल FDI $36 अरब।
- भारत भी ब्रिटेन में एक प्रमुख निवेशक है — FDI $20 अरब।
विदेश सचिव मिस्री ने बताया कि भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण पर भी बातचीत होगी, जिसमें तहव्वुर राणा जैसे मामलों पर चर्चा शामिल है।
मोदी और स्टार्मर के पूर्व संपर्क
प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर बीते एक साल में दो बार मिल चुके हैं:
- नवंबर 2024 — जी-20 सम्मेलन, ब्राजील में
- जून 2025 — जी-7 सम्मेलन, कनाडा में
इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच कई बार टेलीफोन पर बातचीत भी हो चुकी है।
मालदीव यात्रा भी तय
ब्रिटेन के बाद प्रधानमंत्री मोदी 25-26 जुलाई को मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। वे मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मोइजु के निमंत्रण पर जा रहे हैं। यह यात्रा खास इसलिए भी है क्योंकि:
- मोइजु के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष मालदीव का दौरा कर रहा है।
- यह प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी मालदीव यात्रा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई दिशा देने के साथ ही यह यात्रा FTA के जरिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी प्रगति का प्रतीक बनेगी। वहीं, खालिस्तानी चरमपंथ, प्रत्यर्पण, और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर भारत की सशक्त कूटनीति की झलक भी देखने को मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा आज से शुरू: FTA समझौते, खालिस्तानी मुद्दे और वैश्विक सहयोग पर होगा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से अपनी चौथी ब्रिटेन यात्रा पर रवाना होंगे। यह यात्रा 23 से 24 जुलाई, 2025 तक चलेगी और इसका मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देना है। साथ ही वे खालिस्तानी चरमपंथ, वैश्विक सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, और प्रत्यर्पण जैसे द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
प्रमुख कार्यक्रम और चर्चाएं
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान:
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय से मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं से भी बातचीत करेंगे।
भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे — जिसमें अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, और लोगों से लोगों के संबंध प्रमुख विषय होंगे।
24 जुलाई को FTA पर हस्ताक्षर
यात्रा के सबसे अहम पड़ाव में, 24 जुलाई को भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ लंदन में मौजूद रहेंगे।
समझौते की मुख्य बातें:
भारत के चमड़ा, जूते और वस्त्र जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के निर्यात पर शुल्क में छूट।
ब्रिटेन से व्हिस्की और कारों का आयात सस्ता होगा।
लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना।
आर्थिक साझेदारी की स्थिति
ब्रिटेन, भारत में छठा सबसे बड़ा निवेशक है — कुल FDI $36 अरब।
भारत भी ब्रिटेन में एक प्रमुख निवेशक है — FDI $20 अरब।
विदेश सचिव मिस्री ने बताया कि भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण पर भी बातचीत होगी, जिसमें तहव्वुर राणा जैसे मामलों पर चर्चा शामिल है।
मोदी और स्टार्मर के पूर्व संपर्क
प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर बीते एक साल में दो बार मिल चुके हैं:
नवंबर 2024 — जी-20 सम्मेलन, ब्राजील में
जून 2025 — जी-7 सम्मेलन, कनाडा में
इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच कई बार टेलीफोन पर बातचीत भी हो चुकी है।
मालदीव यात्रा भी तय
ब्रिटेन के बाद प्रधानमंत्री मोदी 25-26 जुलाई को मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। वे मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मोइजु के निमंत्रण पर जा रहे हैं। यह यात्रा खास इसलिए भी है क्योंकि:
मोइजु के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष मालदीव का दौरा कर रहा है।
यह प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी मालदीव यात्रा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई दिशा देने के साथ ही यह यात्रा FTA के जरिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी प्रगति का प्रतीक बनेगी। वहीं, खालिस्तानी चरमपंथ, प्रत्यर्पण, और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर भारत की सशक्त कूटनीति की झलक भी देखने को मिलेगी।