भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर फिर घेरा .
भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर फिर घेरा
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "दुनिया स्पष्ट रूप से जानती है कि असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। वास्तव में, यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।"

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
रणधीर जायसवाल ने अमेरिका पर बात करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं। दोनों सरकारें BTA (Bilateral Trade Agreement) के लिए एक रूपरेखा बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य व्यापार का विस्तार करना, बाजार पहुंच को बढ़ाना और टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना होगा। भारत सरकार पारस्परिक रूप से लाभकारी बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए विभिन्न स्तरों पर अमेरिकी प्रशासन के साथ संपर्क में है।
भारत-कनाडा संबंधों पर भारत का पक्ष
भारत-कनाडा के रिश्तों पर बात करते हुए जायसवाल ने कहा, "भारत-कनाडा के रिश्तों में दूरी वहां चरमपंथी और अलगाववादी गुटों को दी गई खुली छूट के कारण आई है। हम उम्मीद करते हैं कि आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर इन संबंधों को फिर से मजबूत कर सकें।"
भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर फिर घेरा
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "दुनिया स्पष्ट रूप से जानती है कि असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। वास्तव में, यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।"
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
रणधीर जायसवाल ने अमेरिका पर बात करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं। दोनों सरकारें BTA (Bilateral Trade Agreement) के लिए एक रूपरेखा बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य व्यापार का विस्तार करना, बाजार पहुंच को बढ़ाना और टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना होगा। भारत सरकार पारस्परिक रूप से लाभकारी बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए विभिन्न स्तरों पर अमेरिकी प्रशासन के साथ संपर्क में है।
भारत-कनाडा संबंधों पर भारत का पक्ष
भारत-कनाडा के रिश्तों पर बात करते हुए जायसवाल ने कहा, "भारत-कनाडा के रिश्तों में दूरी वहां चरमपंथी और अलगाववादी गुटों को दी गई खुली छूट के कारण आई है। हम उम्मीद करते हैं कि आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर इन संबंधों को फिर से मजबूत कर सकें।"