पैन–आधार लिंक नहीं किया तो फंस सकते हैं आपके जरूरी काम.
पैन–आधार लिंक नहीं किया तो फंस सकते हैं आपके जरूरी काम
देश में आयकर विभाग द्वारा पैन और आधार को लिंक करना अनिवार्य किया गया है। अगर आपने अभी तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। बैंकिंग, टैक्स, निवेश और लोन जैसे कई जरूरी काम अटक सकते हैं।
डेडलाइन बीत चुकी, पैन हो सकता है इनऑपरेटिव
31 दिसंबर 2025 तक पैन–आधार लिंक करने की अंतिम तारीख तय की गई थी। जिन लोगों ने समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनका पैन ‘इनएक्टिव’ श्रेणी में डाल दिया गया।
इनएक्टिव पैन का मतलब यह नहीं कि नंबर खत्म हो गया है, बल्कि उससे जुड़े कई वित्तीय काम नहीं किए जा सकेंगे।
क्या-क्या हो सकता है प्रभावित?
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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में परेशानी
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टैक्स रिफंड अटक सकता है
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नया बैंक खाता खोलने में दिक्कत
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50,000 रुपये से ज्यादा नकद जमा या निकासी में रुकावट
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शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, SIP और डीमैट अकाउंट ट्रांजैक्शन प्रभावित
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लोन या क्रेडिट कार्ड आवेदन रिजेक्ट हो सकता है
सरकार का मकसद
पैन और आधार को लिंक कर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एक व्यक्ति के नाम पर एक ही पैन हो। इससे फर्जी पहचान और टैक्स चोरी पर रोक लगती है। यह नियम नौकरीपेशा, कारोबारी और निवेश करने वाले लगभग सभी लोगों पर लागू होता है।
अब क्या करें?
अगर आपका पैन अभी लिंक नहीं है, तो समाधान मौजूद है।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 1000 रुपये का जुर्माना (आयकर अधिनियम की धारा 234H के तहत) भरना होगा। इसके बाद पैन–आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
पैन–आधार लिंक नहीं किया तो फंस सकते हैं आपके जरूरी काम
देश में आयकर विभाग द्वारा पैन और आधार को लिंक करना अनिवार्य किया गया है। अगर आपने अभी तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। बैंकिंग, टैक्स, निवेश और लोन जैसे कई जरूरी काम अटक सकते हैं।
डेडलाइन बीत चुकी, पैन हो सकता है इनऑपरेटिव
31 दिसंबर 2025 तक पैन–आधार लिंक करने की अंतिम तारीख तय की गई थी। जिन लोगों ने समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनका पैन ‘इनएक्टिव’ श्रेणी में डाल दिया गया।
इनएक्टिव पैन का मतलब यह नहीं कि नंबर खत्म हो गया है, बल्कि उससे जुड़े कई वित्तीय काम नहीं किए जा सकेंगे।
क्या-क्या हो सकता है प्रभावित?
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में परेशानी
टैक्स रिफंड अटक सकता है
नया बैंक खाता खोलने में दिक्कत
50,000 रुपये से ज्यादा नकद जमा या निकासी में रुकावट
शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, SIP और डीमैट अकाउंट ट्रांजैक्शन प्रभावित
लोन या क्रेडिट कार्ड आवेदन रिजेक्ट हो सकता है
सरकार का मकसद
पैन और आधार को लिंक कर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एक व्यक्ति के नाम पर एक ही पैन हो। इससे फर्जी पहचान और टैक्स चोरी पर रोक लगती है। यह नियम नौकरीपेशा, कारोबारी और निवेश करने वाले लगभग सभी लोगों पर लागू होता है।
अब क्या करें?
अगर आपका पैन अभी लिंक नहीं है, तो समाधान मौजूद है।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 1000 रुपये का जुर्माना (आयकर अधिनियम की धारा 234H के तहत) भरना होगा। इसके बाद पैन–आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।