खाड़ी में जंग का असर आसमान पर: हवाई क्षेत्र बंद, इजरायल–दुबई की उड़ानें लौटीं, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें.
खाड़ी में जंग का असर आसमान पर: हवाई क्षेत्र बंद, इजरायल–दुबई की उड़ानें लौटीं, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। सुरक्षा कारणों से खाड़ी के कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिसके चलते भारत से इजराइल और दुबई जाने वाली कई उड़ानों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।
इजराइल का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एअर इंडिया की तेल अवीव जा रही उड़ान को हवा में करीब पांच घंटे बिताने के बाद मुंबई लौटना पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि दिल्ली से शनिवार को रवाना हुई फ्लाइट संख्या AI-139 को यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वापस डायवर्ट कर मुंबई में उतारा गया।
फ्लाइट ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार, बोइंग 777 विमान से संचालित यह उड़ान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र तक पहुंचने के बाद वापस मोड़ी गई। एअर इंडिया ने इस अप्रत्याशित स्थिति से यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया और कहा कि वह हालात की लगातार समीक्षा कर परिचालन में आवश्यक बदलाव करेगी।
इसी तरह एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई जा रही उड़ान भी प्रतिबंधों की चपेट में आ गई। शनिवार दोपहर करीब 12:45 बजे 145 यात्रियों को लेकर रवाना हुई यह फ्लाइट दुबई में उतरने की अनुमति नहीं मिलने के कारण बीच रास्ते से लौट आई और इसे तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया।
वहीं इंडिगो ने कहा है कि वह ईरान और आसपास के हवाई क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। एयरलाइन ने यात्रियों से प्रस्थान से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की अपील की है और पश्चिम एशिया के लिए फिलहाल सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
भारत का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI) मध्य पूर्व के लिए सबसे बड़ा हब माना जाता है। सामान्य दिनों में यहां से दुबई, दोहा, अबू धाबी, मस्कट, रियाद, जेद्दा और तेल अवीव के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं।
आमतौर पर दिल्ली से दुबई के लिए रोजाना 12–15, दोहा के लिए 5–7, अबू धाबी के लिए 4–6 और सऊदी अरब के शहरों के लिए 5–8 उड़ानें चलती हैं। तेल अवीव के लिए सप्ताह में चार से पांच दिन सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हवाई यातायात पर पड़ा यह असर न सिर्फ यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहा है, बल्कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर भी बड़े व्यवधान का संकेत दे रहा है।