इंडिगो संकट पर डीजीसीए की बड़ी कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाले चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को किया निलंबित.
नई दिल्ली। इंडिगो संकट पर डीजीसीए अब सख्त रुख अपना रहा है। कई कड़े निर्देश के बाद अब कार्रवाई भी शुरू हो गई है। डीजीसीए ने इंडिगो की निगरानी करने वाले चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को तत्काल निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जांच में दोषी पाए जाने पर की गई है।
बताया जाता है कि ये सभी इंस्पेक्टर इंडिगो की उड़ानों की सुरक्षा और संचालन की जांच से जुड़े थे। माना जा रहा है कि जांच और निगरानी में हुई लापरवाही की वजह से डीजीसीए को यह एक्शन लेना पड़ा। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, वे सभी कॉन्ट्रैक्ट पर डीजीसीए में काम कर रहे थे। इनकी जिम्मेदारी एयरलाइंस खासतौर पर इंडिगो के सुरक्षा एवं ऑपरेशनल ओवरसाइट की थी।
डीजीसीए ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब गुरुवार को ही इंडिगो ने हालिया संकट से प्रभावित हुए यात्रियों के लिए रिफंड के बाद अब अतिरिक्त मुआवजे का एलान किया है। वहीं गुरुवार को ही दूसरी बार इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स डीजीसीए के समक्ष पेश हुए। बता दें कि इंडिगो ने शुक्रवार को भी बंगलूरू एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द की, जिनमें 31 आगमन और 23 प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली और बंगलूरू से 200 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी थीं।डीजीसीए ने तेज की जांच
हालांकि दूसरी ओर डीजीसीए ने इंडिगो संकट के बीच अपनी जांच तेज कर दी है। अधिकारी एयरलाइन के मुख्यालय पर तैनात हैं और संचालन पर नजर रख रहे हैं। जांच समिति में जॉइंट डायरेक्टर जनरल संजय ब्रह्माने, डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित गुप्ता, वरिष्ठ एफओआई कपिल मंगलीक और एफओआई लोकेश रामपाल शामिल हैं। समिति का काम इंडिगो में बड़े पैमाने पर संचालन में हुई गड़बड़ी के कारणों की पहचान करना है। समिति एयरलाइन के मानव संसाधन योजना, फ्लक्चुएटिंग रोस्टर सिस्टम और पायलटों के नए ड्यूटी पीरियड और रेस्ट नियमों के पालन की भी समीक्षा करेगी, जो एक नवंबर से लागू हुए हैं। ऐसे में डीजीसीए ने पूरी तरह से साफ किया है कि एयरलाइन संचालन में खामियों की जड़ तक पहुंचने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।