तमिलनाडु पर केंद्र सरकार और डीएमके के बीच टकराव, वित्त मंत्री ने दिया जवाब.
तमिलनाडु पर केंद्र सरकार और डीएमके के बीच टकराव, वित्त मंत्री ने दिया जवाब
तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने तीन भाषा नीति और परिसीमन के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है।

पीएलआई योजना में तमिलनाडु को बड़ा लाभ
वित्त मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु को केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत इलेक्ट्रोनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा फायदा मिला है। चेन्नई सिटिजन फोरम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि पीएलआई योजना के तहत 27 कंपनियों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 7 कंपनियां तमिलनाडु की हैं।
उन्होंने कहा, "तमिलनाडु, पीएलआई योजना के सबसे बड़े लाभार्थी राज्यों में से एक है।"
राज्य के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं
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इलेक्ट्रोनिक क्लस्टर:
देश के दो बड़े इलेक्ट्रोनिक पार्ट्स बनाने वाले क्लस्टर में से एक तमिलनाडु में बनाया जा रहा है, जिस पर 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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ऑटोमोबाइल सेक्टर:
पीएलआई योजना के तहत 82 आवेदनों में से 46 आवेदन तमिलनाडु के मंजूर किए गए हैं।
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पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट:
राज्य को 7453 करोड़ रुपये की लागत से पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए फंडिंग मिली है।
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रेलवे विद्युतीकरण:
2000 किलोमीटर से अधिक रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।
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चेन्नई मेट्रो विस्तार:
63 हजार करोड़ रुपये के मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट में 60% फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है।
राज्य सरकार के आरोपों पर प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री ने डीएमके सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तमिलनाडु को केंद्रीय करों में कम हिस्सा मिला है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि राज्य सरकार ने किस आधार पर यह दावा किया है, लेकिन बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं से तमिलनाडु को काफी फायदा हुआ है।"
तीन भाषा नीति और परिसीमन पर हमला
सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु सरकार तीन भाषा नीति और परिसीमन जैसे मुद्दे उठाकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु को दी जा रही आर्थिक सहायता को रेखांकित किया।
तमिलनाडु पर केंद्र सरकार और डीएमके के बीच टकराव, वित्त मंत्री ने दिया जवाब
तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने तीन भाषा नीति और परिसीमन के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है।
पीएलआई योजना में तमिलनाडु को बड़ा लाभ
वित्त मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु को केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत इलेक्ट्रोनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा फायदा मिला है। चेन्नई सिटिजन फोरम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि पीएलआई योजना के तहत 27 कंपनियों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 7 कंपनियां तमिलनाडु की हैं।
उन्होंने कहा, "तमिलनाडु, पीएलआई योजना के सबसे बड़े लाभार्थी राज्यों में से एक है।"
राज्य के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं
इलेक्ट्रोनिक क्लस्टर:
देश के दो बड़े इलेक्ट्रोनिक पार्ट्स बनाने वाले क्लस्टर में से एक तमिलनाडु में बनाया जा रहा है, जिस पर 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ऑटोमोबाइल सेक्टर:
पीएलआई योजना के तहत 82 आवेदनों में से 46 आवेदन तमिलनाडु के मंजूर किए गए हैं।
पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट:
राज्य को 7453 करोड़ रुपये की लागत से पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए फंडिंग मिली है।
रेलवे विद्युतीकरण:
2000 किलोमीटर से अधिक रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।
चेन्नई मेट्रो विस्तार:
63 हजार करोड़ रुपये के मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट में 60% फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है।
राज्य सरकार के आरोपों पर प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री ने डीएमके सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तमिलनाडु को केंद्रीय करों में कम हिस्सा मिला है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि राज्य सरकार ने किस आधार पर यह दावा किया है, लेकिन बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं से तमिलनाडु को काफी फायदा हुआ है।"
तीन भाषा नीति और परिसीमन पर हमला
सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु सरकार तीन भाषा नीति और परिसीमन जैसे मुद्दे उठाकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु को दी जा रही आर्थिक सहायता को रेखांकित किया।