शांति सैनिकों पर हमले रोकने के लिए बेहतर रणनीतियों की जरूरत ;भारत .
शांति सैनिकों पर हमले रोकने के लिए बेहतर रणनीतियों की जरूरत ;भारत
भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के प्रति अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में, भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने शांति सैनिकों की सुरक्षा और उनकी जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शांति सैनिक अक्सर अत्यधिक जोखिमपूर्ण और खतरनाक क्षेत्रों में काम करते हैं, लेकिन हमलावरों को सजा न मिलना शांति अभियानों की प्रभावशीलता को कमजोर करता है।

भारत ने इसे "रणनीतिक आवश्यकता" बताया, क्योंकि इससे न केवल शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि शांति स्थापना के प्रयासों को भी मजबूती मिलती है। हरीश ने यह भी कहा कि शांति सैनिकों पर हमले करने वालों को जवाबदेह ठहराने के लिए केवल सजा देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि इसके साथ-साथ शांति सैनिकों पर हमले को रोकने के लिए उपायों और बेहतर रणनीतियों की जरूरत है।
बैठक में 40 देशों के प्रतिनिधियों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने सुझाव दिया कि शांति सैनिकों के खिलाफ हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानूनों को सुदृढ़ किया जाए। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 पर आधारित थी, जिसका उद्देश्य शांति सैनिकों के खिलाफ हमलों के लिए कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करना था।
भारत ने यह भी रेखांकित किया कि शांति स्थापना के लिए उसकी प्रतिबद्धता जारी रहेगी, और वह भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास करता रहेगा।