अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र, सशस्त्र बलों के 70 जवानों को वीरता पुरस्कार.
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कार के नामों की घोषणा कर दी गई है। अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। इसी के साथ सेना के तीन जवानों को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा था, उन्हें भारत के सर्वोच्च शांतिकाल का वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शुभांशु शुक्ला पिछले साल जून में एक्सिओम-4 मिशन के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और आईएसएस पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने थे। शुक्ला की 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा 1984 में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के रूसी सोयुज में उड़ान भरने के 41 साल बाद हुई। शुभांशु के अलावा दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को 77वें गणतंत्र दिवस पर उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। वहीं इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 77वें गणतंत्र दिवस पर परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
तीन कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 70 सशस्त्र बलों के जवानों को वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी, जिनमें से छह को यह सम्मान मरणोपरांत मिलेगा। इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (जिसमें एक मरणोपरांत शामिल है), एक बार टू सेना मेडल (वीरता) और 44 सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं। कीर्ति चक्र पुरस्कार विजेताओं में मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल हैं।
डोलेश्वर सुब्बा को भी कार्ति चक्र
पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की दूसरी बटालियन के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा को 11 अप्रैल 2025 को किश्तवार जिले के जंगलों में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान किए गए असाधारण शौर्य और साहस के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। इस अभियान में उन्होंने भारी शत्रुतापूर्ण गोलीबारी के बीच भी अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकवादियों के करीब पहुंचकर एक कट्टर विदेशी आतंकवादी को बेहद करीब से मार गिराया और दूसरे को भी खत्म कर दिया। इस दौरान उन्होंने गोलीबारी के बीच असाधारण वीरता और हिम्मत का प्रदर्शन किया।