भारत और इंडोनेशिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में हुए समझौते .
भारत और इंडोनेशिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में हुए समझौते
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और इंडोनेशिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा,
"भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध है। भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में भी इंडोनेशिया मुख्य अतिथि देश था, और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 75वें गणतंत्र दिवस पर भी यह ऐतिहासिक क्षण इंडोनेशिया के साथ साझा किया जा रहा है।"
रक्षा और समुद्री सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित पहल शामिल रहीं:
-
रक्षा साझेदारी: दोनों देशों ने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया।
-
समुद्री सुरक्षा: समुद्री अपराध की रोकथाम, खोज और बचाव, तथा क्षमता निर्माण के लिए नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
-
साइबर सुरक्षा और आतंकवाद निरोध: साइबर सुरक्षा और डी-रेडिकलाइजेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी
भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापारिक संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
-
2024 में द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा 30 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया।
-
दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाने और नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
इतिहास की पुनरावृत्ति
पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत और इंडोनेशिया का कूटनीतिक संबंध ऐतिहासिक है। 1949 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर भी इंडोनेशिया मुख्य अतिथि था, और अब 75वें गणतंत्र दिवस पर यह संबंध और भी प्रगाढ़ हुआ है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में हुए समझौते
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और इंडोनेशिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा,
"भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध है। भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में भी इंडोनेशिया मुख्य अतिथि देश था, और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 75वें गणतंत्र दिवस पर भी यह ऐतिहासिक क्षण इंडोनेशिया के साथ साझा किया जा रहा है।"
रक्षा और समुद्री सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित पहल शामिल रहीं:
रक्षा साझेदारी: दोनों देशों ने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया।
समुद्री सुरक्षा: समुद्री अपराध की रोकथाम, खोज और बचाव, तथा क्षमता निर्माण के लिए नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
साइबर सुरक्षा और आतंकवाद निरोध: साइबर सुरक्षा और डी-रेडिकलाइजेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी
भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापारिक संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
2024 में द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा 30 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया।
दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाने और नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
इतिहास की पुनरावृत्ति
पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत और इंडोनेशिया का कूटनीतिक संबंध ऐतिहासिक है। 1949 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर भी इंडोनेशिया मुख्य अतिथि था, और अब 75वें गणतंत्र दिवस पर यह संबंध और भी प्रगाढ़ हुआ है।