भारत की समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा, जल्द नौसेना में शामिल होगी परमाणु-संचालित आईएनएस अरिदमन — एक साथ तीन न्यूक्लियर सबमरीन का नया दौर
भारत को जल्द ही अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन मिलने वाली है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने घोषणा की कि पनडुब्बी के परीक्षण अंतिम चरण में हैं और इसे जल्द ही नौसेना में शामिल किया जाएगा। यह कदम भारत की समुद्री शक्ति और रणनीतिक परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को नया आयाम देगा।

आईएनएस अरिदमन: ढूंढना लगभग नामुमकिन
- पानी के भीतर 44 किमी/घंटा की रफ्तार
- अत्यधिक स्टील्थ तकनीक — लोकेट करना बेहद कठिन
- के-15 और के-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस
- शामिल होने के बाद भारत के बेड़े में पहली बार तीन सक्रिय न्यूक्लियर बैलिस्टिक सबमरीन
“अरिदमन” जिसका अर्थ है शत्रु का नाश करने वाली, भारत की समुद्री सुरक्षा को कई गुना मजबूत बनाएगी।
नौसेना में 26 राफेल-मरीन की एंट्री 2029 से
एयर फोर्स में राफेल की सफल तैनाती के बाद नौसेना के लिए भी लगभग 63,000 करोड़ रुपये में 26 राफेल-मरीन का सौदा हुआ है।
- 22 सिंगल-सीटर
- 4 ड्यूल-सीटर ट्रेनर
- साथ में प्रशिक्षण सुविधाएं, सिमुलेटर, हथियार और 5 साल का रसद पैकेज
ये राफेल-मरीन विमान आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य जैसे विमानवाहक जहाजों पर तैनात किए जाएंगे। पहले चार विमान 2029 तक नौसेना को मिलने की उम्मीद है।
आईएनएस अरिदमन और राफेल-मरीन की एंट्री के साथ भारत की नौसेना नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है — समुद्र से आसमान तक, हर मोर्चे पर शक्ति और तैयारी का नया युग शुरू!
भारत की समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा, जल्द नौसेना में शामिल होगी परमाणु-संचालित आईएनएस अरिदमन — एक साथ तीन न्यूक्लियर सबमरीन का नया दौर
भारत को जल्द ही अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन मिलने वाली है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने घोषणा की कि पनडुब्बी के परीक्षण अंतिम चरण में हैं और इसे जल्द ही नौसेना में शामिल किया जाएगा। यह कदम भारत की समुद्री शक्ति और रणनीतिक परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को नया आयाम देगा।
आईएनएस अरिदमन: ढूंढना लगभग नामुमकिन
पानी के भीतर 44 किमी/घंटा की रफ्तार
अत्यधिक स्टील्थ तकनीक — लोकेट करना बेहद कठिन
के-15 और के-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस
शामिल होने के बाद भारत के बेड़े में पहली बार तीन सक्रिय न्यूक्लियर बैलिस्टिक सबमरीन
“अरिदमन” जिसका अर्थ है शत्रु का नाश करने वाली, भारत की समुद्री सुरक्षा को कई गुना मजबूत बनाएगी।
नौसेना में 26 राफेल-मरीन की एंट्री 2029 से
एयर फोर्स में राफेल की सफल तैनाती के बाद नौसेना के लिए भी लगभग 63,000 करोड़ रुपये में 26 राफेल-मरीन का सौदा हुआ है।
22 सिंगल-सीटर
4 ड्यूल-सीटर ट्रेनर
साथ में प्रशिक्षण सुविधाएं, सिमुलेटर, हथियार और 5 साल का रसद पैकेज
ये राफेल-मरीन विमान आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य जैसे विमानवाहक जहाजों पर तैनात किए जाएंगे। पहले चार विमान 2029 तक नौसेना को मिलने की उम्मीद है।
आईएनएस अरिदमन और राफेल-मरीन की एंट्री के साथ भारत की नौसेना नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है — समुद्र से आसमान तक, हर मोर्चे पर शक्ति और तैयारी का नया युग शुरू!