लाल किला धमाका ; घटनास्थल से मानव अंग मिलने का सिलसिला जारी .
लाल किला धमाका ; घटनास्थल से मानव अंग मिलने का सिलसिला जारी
राजधानी दिल्ली के लाल किला के पास सोमवार शाम हुए विस्फोट के तीसरे दिन भी घटनास्थल से मानव अंग मिलने का सिलसिला जारी रहा। लगभग 350–400 मीटर दूर लाजपत राय मार्केट में स्थित दिगंबर जैन लाल मंदिर के पीछे एक गेट के ऊपर एक हाथ का हिस्सा मिला।

जांच में सामने आया है कि आई-20 कार में हुआ धमाका हाई-ग्रेड मिलिट्री विस्फोटक से किया गया था। अधिकारियों का मानना है कि अमोनियम नाइट्रेट जैसे सामान्य विस्फोटक से इतनी तीव्रता वाला धमाका संभव नहीं है।
जांच एजेंसियों को सबूत मिले हैं कि आतंकी उमर और मुजम्मिल ने 2021 में तुर्किये की यात्रा के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स से मुलाकात की थी। यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान से निर्देश दिए जा रहे थे।
अधिकारियों का कहना है कि लाल किला धमाका भले ही आत्मघाती और हताशा में किया गया हो, लेकिन इसकी योजना लंबे समय से तैयार की जा रही थी। लक्ष्य था 26/11 मुंबई हमलों की तर्ज पर दिल्ली में कई स्थानों पर एक साथ धमाके करना।
26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमलों की तरह इस साजिश में भी कई भीड़भाड़ वाले इलाकों — लाल किला, इंडिया गेट, सरोजनी नगर, लाजपत नगर, कांस्टीट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर — को निशाना बनाया जाना था। लेकिन तैयारियों के अधूरे रहने और जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई के कारण योजना रद्द कर दी गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके में मारे गए लोगों में डॉ. उमर भी शामिल था, जिसकी डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि हुई है।
धमाके में क्षतिग्रस्त आई-20 कार के सभी हिस्सों को फोरेंसिक जांच के लिए रोहिणी स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है। एफएसएल, सीबीआई और एनआईए की टीमें मिलकर नमूनों की जांच कर रही हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि हाई-ग्रेड मिलिट्री विस्फोटक की पुष्टि होती है, तो इसके पीछे पाकिस्तानी सेना की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।