दिल्ली हाई कोर्ट को बम धमकी का ईमेल, सुरक्षा एजेंसियों ने की घंटों तलाशी
शुक्रवार सुबह दिल्ली हाई कोर्ट को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसके बाद अदालत परिसर में हड़कंप मच गया। ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर और जजों के चैंबर में तीन बम लगाए गए हैं, जिन्हें दोपहर 2 बजे तक विस्फोट किया जाएगा।

कोर्ट की कार्यवाही रोकी गई
धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिलते ही सुनवाई कर रही बेंच ने तुरंत कार्यवाही रोक दी। जज, वकील और पक्षकारों को कोर्ट रूम से बाहर निकाल लिया गया।
जांच और तलाशी अभियान
दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वॉड, CAT एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी अभियान चला, जिसमें कोर्ट के हर हिस्से — पार्किंग, जज चैंबर, रिकॉर्ड रूम, कैंटीन और टॉयलेट — की गहन जांच की गई।
मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों से छानबीन के बावजूद कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इस दौरान कई बेंच वापस सुनवाई पर नहीं बैठीं।
ईमेल का समय और पुलिस की कार्रवाई
- धमकी भरा ईमेल सुबह 8:39 बजे भेजा गया था।
- यह ईमेल रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज सहित अन्य अधिकारियों को 10:41 बजे प्राप्त हुआ।
- पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब हाई कोर्ट को ऐसी धमकी मिली हो। बीते साल फरवरी में भी इसी तरह की फर्जी सूचना से दहशत फैलाने की कोशिश की गई थी।
पिछले डेढ़ साल में दिल्ली-एनसीआर में 500 से अधिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिन्हें हर बार पुलिस ने फर्जी करार दिया।
दिल्ली हाई कोर्ट को बम धमकी का ईमेल, सुरक्षा एजेंसियों ने की घंटों तलाशी
शुक्रवार सुबह दिल्ली हाई कोर्ट को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसके बाद अदालत परिसर में हड़कंप मच गया। ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर और जजों के चैंबर में तीन बम लगाए गए हैं, जिन्हें दोपहर 2 बजे तक विस्फोट किया जाएगा।
कोर्ट की कार्यवाही रोकी गई
धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिलते ही सुनवाई कर रही बेंच ने तुरंत कार्यवाही रोक दी। जज, वकील और पक्षकारों को कोर्ट रूम से बाहर निकाल लिया गया।
जांच और तलाशी अभियान
दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वॉड, CAT एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी अभियान चला, जिसमें कोर्ट के हर हिस्से — पार्किंग, जज चैंबर, रिकॉर्ड रूम, कैंटीन और टॉयलेट — की गहन जांच की गई।
मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों से छानबीन के बावजूद कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इस दौरान कई बेंच वापस सुनवाई पर नहीं बैठीं।
ईमेल का समय और पुलिस की कार्रवाई
धमकी भरा ईमेल सुबह 8:39 बजे भेजा गया था।
यह ईमेल रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज सहित अन्य अधिकारियों को 10:41 बजे प्राप्त हुआ।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब हाई कोर्ट को ऐसी धमकी मिली हो। बीते साल फरवरी में भी इसी तरह की फर्जी सूचना से दहशत फैलाने की कोशिश की गई थी।
पिछले डेढ़ साल में दिल्ली-एनसीआर में 500 से अधिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिन्हें हर बार पुलिस ने फर्जी करार दिया।