रक्षा मंत्रालय की मीडिया को सख्त एडवाइजरी: सैन्य अधिकारियों की निजता का करें सम्मान
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने मीडिया संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों एवं उनके परिवारों की निजता का सम्मान करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस एडवाइजरी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मीडिया कवरेज केवल सैन्य अभियानों और पेशेवर गतिविधियों तक सीमित रहे, न कि व्यक्तिगत जीवन की जानकारी तक।

मीडिया को निर्देश: बिना अनुमति संपर्क न करें
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पत्रकार या मीडिया प्रतिनिधि सेवारत या पूर्व सैन्य कर्मियों के घरों या परिवारों से तब तक संपर्क न करें जब तक उन्हें स्पष्ट आमंत्रण न दिया गया हो या आधिकारिक अनुमति प्राप्त न हो।
निजी जानकारी को न करें सार्वजनिक
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि सैन्य अधिकारियों और उनके परिवारों के घरों के पते, पारिवारिक तस्वीरें या कोई भी ऐसी जानकारी जो जनता के हित में नहीं है, न तो प्रकाशित करें और न ही प्रसारित करें। इससे उनके सम्मान, निजता और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
मीडिया की भूमिका की सराहना
रक्षा मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया है कि मीडिया का योगदान सेना, नौसेना और वायुसेना की गतिविधियों, उपलब्धियों और बलिदानों को जनता तक पहुंचाने में बेहद अहम रहा है। मंत्रालय ने मीडिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए यह उम्मीद जताई है कि पत्रकारिता की जिम्मेदारी के साथ संतुलन बनाए रखा जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आया मामला सामने
हाल ही में चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों के बाद यह देखा गया कि कुछ मीडिया कर्मी उन वरिष्ठ अधिकारियों के निजी जीवन में भी रुचि लेने लगे थे, जिन्होंने इन अभियानों में प्रमुख भूमिका निभाई। कुछ ने उनके घरों पर जाकर जानकारी जुटाने या परिवारों से संपर्क करने की कोशिश की, जो पूरी तरह अनुचित और असंवेदनशील माना गया।
स्पष्ट दिशा-निर्देश
एडवाइजरी में सभी मीडिया संस्थानों से निम्नलिखित बातों का पालन करने की अपील की गई है:
- स्पष्ट अनुमति के बिना किसी भी सेवारत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी के घर या परिवार से संपर्क न करें।
- निजी जानकारी जैसे घर का पता, पारिवारिक फोटो या ऐसी कोई भी जानकारी जो सार्वजनिक हित में न हो, उसे साझा न करें।
- रिपोर्टिंग का फोकस केवल सैन्य अभियानों, पेशेवर कार्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बातों तक सीमित रखें।
- विशेषकर संवेदनशील सुरक्षा परिस्थितियों में अधिकारियों और उनके परिवारों की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखें।
जिम्मेदार रिपोर्टिंग की अपील
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह मीडिया के साथ पारदर्शी और सकारात्मक संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि सभी पत्रकार जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें और देश की सेवा कर रहे सैनिकों व उनके परिवारों की गरिमा और निजता का सम्मान करें।
रक्षा मंत्रालय की मीडिया को सख्त एडवाइजरी: सैन्य अधिकारियों की निजता का करें सम्मान
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने मीडिया संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों एवं उनके परिवारों की निजता का सम्मान करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस एडवाइजरी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मीडिया कवरेज केवल सैन्य अभियानों और पेशेवर गतिविधियों तक सीमित रहे, न कि व्यक्तिगत जीवन की जानकारी तक।
मीडिया को निर्देश: बिना अनुमति संपर्क न करें
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पत्रकार या मीडिया प्रतिनिधि सेवारत या पूर्व सैन्य कर्मियों के घरों या परिवारों से तब तक संपर्क न करें जब तक उन्हें स्पष्ट आमंत्रण न दिया गया हो या आधिकारिक अनुमति प्राप्त न हो।
निजी जानकारी को न करें सार्वजनिक
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि सैन्य अधिकारियों और उनके परिवारों के घरों के पते, पारिवारिक तस्वीरें या कोई भी ऐसी जानकारी जो जनता के हित में नहीं है, न तो प्रकाशित करें और न ही प्रसारित करें। इससे उनके सम्मान, निजता और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
मीडिया की भूमिका की सराहना
रक्षा मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया है कि मीडिया का योगदान सेना, नौसेना और वायुसेना की गतिविधियों, उपलब्धियों और बलिदानों को जनता तक पहुंचाने में बेहद अहम रहा है। मंत्रालय ने मीडिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए यह उम्मीद जताई है कि पत्रकारिता की जिम्मेदारी के साथ संतुलन बनाए रखा जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आया मामला सामने
हाल ही में चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों के बाद यह देखा गया कि कुछ मीडिया कर्मी उन वरिष्ठ अधिकारियों के निजी जीवन में भी रुचि लेने लगे थे, जिन्होंने इन अभियानों में प्रमुख भूमिका निभाई। कुछ ने उनके घरों पर जाकर जानकारी जुटाने या परिवारों से संपर्क करने की कोशिश की, जो पूरी तरह अनुचित और असंवेदनशील माना गया।
स्पष्ट दिशा-निर्देश
एडवाइजरी में सभी मीडिया संस्थानों से निम्नलिखित बातों का पालन करने की अपील की गई है:
स्पष्ट अनुमति के बिना किसी भी सेवारत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी के घर या परिवार से संपर्क न करें।
निजी जानकारी जैसे घर का पता, पारिवारिक फोटो या ऐसी कोई भी जानकारी जो सार्वजनिक हित में न हो, उसे साझा न करें।
रिपोर्टिंग का फोकस केवल सैन्य अभियानों, पेशेवर कार्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बातों तक सीमित रखें।
विशेषकर संवेदनशील सुरक्षा परिस्थितियों में अधिकारियों और उनके परिवारों की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखें।
जिम्मेदार रिपोर्टिंग की अपील
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह मीडिया के साथ पारदर्शी और सकारात्मक संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि सभी पत्रकार जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें और देश की सेवा कर रहे सैनिकों व उनके परिवारों की गरिमा और निजता का सम्मान करें।