आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के परस्पर विरोधी आदेश, मामला बड़ी पीठ को सौंपा गया.
आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के परस्पर विरोधी आदेश, मामला बड़ी पीठ को सौंपा गया
आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की अलग-अलग पीठों के दो विपरीत फैसलों के बाद मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बी.आर. गवई ने मामला बड़ी पीठ को भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, इस मामले की सुनवाई अब आज जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ करेगी।

11 अगस्त को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से सभी लावारिस कुत्तों को हटाने और इलाकों को कुत्तामुक्त बनाने का आदेश दिया था। इस फैसले ने देशभर में पशु प्रेमियों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा की।
वहीं, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस संजय करोल की पीठ पहले कह चुकी है कि किसी भी परिस्थिति में कुत्तों की अंधाधुंध हत्या नहीं की जा सकती और प्रशासन को मौजूदा कानूनों की भावना के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। मई 2024 में जस्टिस माहेश्वरी की पीठ ने इस मुद्दे से जुड़ी याचिकाओं को संबंधित हाईकोर्ट भेजने का आदेश दिया था।
जस्टिस पारदीवाला की पीठ के आदेश में दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में भेजने का निर्देश दिया गया। इस आदेश का मेनका गांधी, जॉन अब्राहम और जाह्नवी कपूर सहित कई बॉलीवुड हस्तियों ने विरोध किया, इसे अवैज्ञानिक और क्रूर बताया। पेटा इंडिया और अन्य पशु अधिकार संगठनों ने भी इस फैसले से असहमति जताई है।