मोनू भाटिया और बंटी भाटिया के आपसी विवाद ने प्रकाश पर्व को भी नहीं बख्शा, संगत होती रही परेशान.
इंदौर। श्री गुरुसिंह सभा इंदौर के अध्यक्ष हरपाल सिंह उर्फ मोनू भाटिया और महासचिव प्रितपाल सिंह उर्फ बंटी भाटिया के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। दोनों ने गुरु नानक देवजी के प्रकाश पर्व को भी नहीं छोड़ा। मंगलवार को खालसा स्टेडियम में दोनों और उनके समर्थक भिड़ गए और जमकर बहस हो गई। इसका असर प्रकाश पर्व के दिन यानी आज आयोजित कार्यक्रम में भी दिखा। जहां संगत परेशान होती नजर आई, यहां तक कि लंगर पर भी इसका प्रभाव नजर आया।
बताया जाता है कि मंगलवार को खालसा स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष मोनू भाटिया और महासचिव भाटिया के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। दोनों के समर्थक भी आमने-सामने हो गए जिससे धक्कामुक्की की नौबत भी आ गई। इस दौरान सभा के अन्य पदाधिकारी हस्ताक्षेप करने की कोशिश करते रहे, लेकिन माहौल शांत नहीं हो सका।
पंडाल छोटा बनाने को लेकर हुआ था विवाद
बताया जाता है कि कल मोनू भाटिया अचानक खालसा स्टेडियम पहुंच गए और पंडाल छोटा बनाने पर आपत्ति ली। इसके बाद दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और जमकर गाली-गलौच और धक्कामुक्की हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कांचा छाबड़ा पर किसी ने हाथ भी उठा दिया। बताया जाता है कि लोगों का कहना था कि मोनू भाटिया को पहले पंडाल की चिन्ता क्यों नहीं हुई, सबकुछ तैयार होने के बाद वे आपत्ति करने क्यों पहुंचे?
आज संगत होती रही परेशान
बताया जाता है कि इस विवाद के कारण गुरुनानक देवजी के प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में पधारे संगत को भी परेशान होना पड़ा। जहां जोड़ाघर लगता था वहां पर पंडाल बनाकर मुख्य दीवान सजाया गया था। जहां पंडाल सजाया जाता था वहां लंगर छकाया गया। लोग दीवान के दर्शन करने के बाद जब लंगर छकने गए तो वहां भी परेशानी का सामना करना पड़ा। अव्यवस्था ऐसी कि दोपहर तीन बजे लंगर खत्म हो गया। कल रात को भी 11 बजे लंगर खत्म हो गया था।
दोनों के विवाद के विवाद में समाज की बदनामी
बताया जा रहा है कि यह टकराव पिछले कई महीनों से चल रही खींचतान का नतीजा है। अध्यक्ष और महासचिव के बीच संगठनात्मक निर्णयों और आर्थिक पारदर्शिता को लेकर मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं। इस विवाद ने श्री गुरु सिंह सभा की छवि पर गहरा नकारात्मक असर डाला है। इससे समाज की साख खराब हो रही है। संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और दोनों गुटों से आपसी मतभेद सुलझाने की अपील की है।
गुरुद्वारा कमेटी को लेकर भिड़ चुके हैं दोनों
इससे पहले मोनू भाटिया और बंटी भाटिया संत नगर और सुदामा नगर गुरुद्वारा की कमेटी को लेकर आपस में भिड़ चुके हैं। कुछ महीनों पहले मोनू भाटिया ने सुदामा नगर और संत नगर गुरुद्वारा के कमेटी बनाई थी, जिस पर बंटी भाटिया ने आपत्ति दर्ज कराई थी। बंटी भाटिया ने मोनू भाटिया की सूची में उलटफेर कर दिया। हालत यह हो गई कि इन कमेटियों को लेकर दोनों के समर्थक गुरुद्वारे में भी भिड़ चुके हैं।