सुनीता विलियम्स की ऐतिहासिक वापसी: 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद पृथ्वी पर लौटेंगी.
सुनीता विलियम्स की ऐतिहासिक वापसी: 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद पृथ्वी पर लौटेंगी
स्पेसएक्स का अंतरिक्ष यान ड्रैगन अब इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक अलग हो चुका है। 17 घंटे की रोमांचक यात्रा के बाद, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पृथ्वी पर लौटेंगे।
उनके साथ नासा के एस्ट्रोनॉट निक हॉग और रॉसकॉसमॉस (रूस की स्पेस एजेंसी) के अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी वापस आएंगे।

एक लंबी प्रतीक्षा का अंत
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने 5 जून 2024 को स्टारलाइनर परीक्षण यान के ज़रिए ISS की ओर उड़ान भरी थी। आठ दिन के मिशन के बाद उनकी वापसी तय थी, लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से उनकी वापसी में देरी हो गई।
कब होगी वापसी?
भारतीय समयानुसार 19 मार्च 2025 को सुनीता विलियम्स की पृथ्वी पर वापसी होगी। इस समय तक उन्होंने अंतरिक्ष में 286 दिन बिता लिए होंगे, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
नई उपलब्धि हासिल करने वाली महिला वैज्ञानिक
इस मिशन के साथ, सुनीता विलियम्स ISS पर एक यात्रा में तीसरी सबसे ज्यादा दिन बिताने वाली महिला वैज्ञानिक बन जाएंगी।
नासा ने बताया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार स्पलैशडाउन (समुद्र में लैंडिंग) की जगह तय की जाएगी। सभी की नज़रें इस ऐतिहासिक वापसी पर टिकी हैं, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
सुनीता विलियम्स की ऐतिहासिक वापसी: 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद पृथ्वी पर लौटेंगी
स्पेसएक्स का अंतरिक्ष यान ड्रैगन अब इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक अलग हो चुका है। 17 घंटे की रोमांचक यात्रा के बाद, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पृथ्वी पर लौटेंगे।
उनके साथ नासा के एस्ट्रोनॉट निक हॉग और रॉसकॉसमॉस (रूस की स्पेस एजेंसी) के अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी वापस आएंगे।
एक लंबी प्रतीक्षा का अंत
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने 5 जून 2024 को स्टारलाइनर परीक्षण यान के ज़रिए ISS की ओर उड़ान भरी थी। आठ दिन के मिशन के बाद उनकी वापसी तय थी, लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से उनकी वापसी में देरी हो गई।
कब होगी वापसी?
भारतीय समयानुसार 19 मार्च 2025 को सुनीता विलियम्स की पृथ्वी पर वापसी होगी। इस समय तक उन्होंने अंतरिक्ष में 286 दिन बिता लिए होंगे, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
नई उपलब्धि हासिल करने वाली महिला वैज्ञानिक
इस मिशन के साथ, सुनीता विलियम्स ISS पर एक यात्रा में तीसरी सबसे ज्यादा दिन बिताने वाली महिला वैज्ञानिक बन जाएंगी।
नासा ने बताया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार स्पलैशडाउन (समुद्र में लैंडिंग) की जगह तय की जाएगी। सभी की नज़रें इस ऐतिहासिक वापसी पर टिकी हैं, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।