एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में हुआ जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट, सीएम डॉ.मोहन यादव ने उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों से की वन-टू-वन चर्चा.
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल हुए। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को तकनीक, नवाचार और निवेश का एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
यह आयोजन राज्य की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति के अगले चरण की रूपरेखा तय करने के लिए किया जा रहा है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मध्यप्रदेश, टियर-2 भारत (छोटे शहरों) की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सके और विकास की नई इबारत लिखे। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधियों से आमने-सामने (वन-टू-वन) बैठक की। इस बैठक में प्रदेश में निवेश और सहयोग के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
25 से अधिक सेंटर्स हुए सामिल
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के अंतर्गत “एमपी जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट राउंडटेबल” का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर 25 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) शामिल हुए और राज्य की दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति को दिशा देने के लिए सार्थक चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश को जीसीसी के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। टियर-2 शहरों में उपलब्ध सुविधाएं जीसीसी के लिए सशक्त बिजनेस इको सिस्टम बनाने में सक्षम हैं।
आईआईटी इंदौर में स्पेस टेकोलॉजी की पढ़ाई
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां समर्पित जीसीसी नीति बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य में ड्रोन नीति के तहत ड्रोन डाटा रिपॉजिटरी विकसित की जा रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश एवं विकास को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर नीति के तहत व्यवसायों को सब्सिडी दी जा रही है और स्पेस टेक्नोलॉजी नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी इंदौर देश का एकमात्र संस्थान है जहाँ स्पेस टेक्नोलॉजी में बीटेक एवं एमटेक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने वाला अग्रणी राज्य है। देश के 10 प्रतिशत से अधिक गेमिंग आईपी क्रिएशन मध्यप्रदेश से हुए हैं, जो राज्य की तकनीकी क्षमता और टैलेंट की उपलब्धता को दर्शाते हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों ने साझा किए विचार
वेना इंडिया सेंटर हेड गौतम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईआईटी इंदौर, MANIT भोपाल, और GSITS इंदौर जैसे संस्थानों की मौजूदगी से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाला टैलेंट पूल उपलब्ध है। उन्होंने जीसीसी के सशक्त विकास के लिए सीनियर लीडरशिप को आकर्षित करने का सुझाव दिया। वेना इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट पार्थ सेन गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में वित्तीय क्षेत्र की विशेषता और संभावनाएं जीसीसी की स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। केपीएमजी के पार्टनर गौरव कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश के टियर-2 शहरों में उत्कृष्ट टैलेंट पूल उपलब्ध है और यहां के युवा राज्य में ही रहकर काम करना पसंद करते हैं, जिससे टैलेंट की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित रहती है।