दिल्ली ;30 से ज्यादा इलाकों में एक्यूआई 400 के पार.
दिल्ली ;30 से ज्यादा इलाकों में एक्यूआई 400 के पार
राजधानी दिल्ली की हवा लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। बुधवार को 30 से ज्यादा इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। दरियागंज के आसपास का एक्यूआई 455 तक पहुंच गया, जबकि औसत एक्यूआई 418 रहा — जो हवा की गंभीर श्रेणी में आता है।

पराली, वाहन और निर्माण से बढ़ा प्रदूषण
राजधानी और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर पराली जलाने, वाहनों के धुएं और निर्माण कार्यों की वजह से बढ़ा है।
एनसीआर में स्थिति
सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के अनुसार:
- सफदरजंग हवाई अड्डे पर दृश्यता सुबह 6:30 बजे 500 मीटर,
- पालम हवाई अड्डे पर सुबह 7 बजे 800 मीटर रही।
दिल्ली के बाद नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 408 दर्ज किया गया।
- गुरुग्राम: 350
- गाजियाबाद: 362
- ग्रेटर नोएडा: 387
- फरीदाबाद: 274 (सबसे कम प्रदूषण, “खराब” श्रेणी)
आगे का पूर्वानुमान
सीपीसीबी ने चेतावनी दी है कि शनिवार तक हवा “बेहद खराब” श्रेणी में पहुंच सकती है। दीपावली के बाद से दिल्ली में कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता “खराब से गंभीर” स्थिति में बनी हुई है, बावजूद इसके कि ग्रैप-3 प्रतिबंध लागू हैं।
दिल्ली ;30 से ज्यादा इलाकों में एक्यूआई 400 के पार
राजधानी दिल्ली की हवा लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। बुधवार को 30 से ज्यादा इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। दरियागंज के आसपास का एक्यूआई 455 तक पहुंच गया, जबकि औसत एक्यूआई 418 रहा — जो हवा की गंभीर श्रेणी में आता है।
पराली, वाहन और निर्माण से बढ़ा प्रदूषण
राजधानी और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर पराली जलाने, वाहनों के धुएं और निर्माण कार्यों की वजह से बढ़ा है।
एनसीआर में स्थिति
सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के अनुसार:
सफदरजंग हवाई अड्डे पर दृश्यता सुबह 6:30 बजे 500 मीटर,
पालम हवाई अड्डे पर सुबह 7 बजे 800 मीटर रही।
दिल्ली के बाद नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 408 दर्ज किया गया।
गुरुग्राम: 350
गाजियाबाद: 362
ग्रेटर नोएडा: 387
फरीदाबाद: 274 (सबसे कम प्रदूषण, “खराब” श्रेणी)
आगे का पूर्वानुमान
सीपीसीबी ने चेतावनी दी है कि शनिवार तक हवा “बेहद खराब” श्रेणी में पहुंच सकती है। दीपावली के बाद से दिल्ली में कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता “खराब से गंभीर” स्थिति में बनी हुई है, बावजूद इसके कि ग्रैप-3 प्रतिबंध लागू हैं।