लाल किले के पास कार धमाके से पहले तुर्कमान गेट के पास मस्जिद में गया था उमर, सीसीटीवी फुटेज में कई जगह आया नजर.
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले के मेट्रो स्टेशन के पास में हुए कार धमाके की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती जा रही है, नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। जांच के दौरान डॉक्टर उमर मोहम्मद एक मस्जिद के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है। इसके साथ ही वह कई अन्य स्थानों पर भी नजर आया है।
बताया जाता है कि दिल्ली पुलिस के पास लगभग 50 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज हैं, जिनसे पता चलता है कि दिल्ली विस्फोट के आरोपी डॉ. उमर विस्फोंट से पहले कई इलाकों में गया था। गुरुवार को एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, इसमें संदिग्ध डॉ. उमर सोमवार शाम को विस्फोट से पहले तुर्कमान गेट के पास मस्जिद से बाहर निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि अगर उमर मुस्जिद में आया था तो वहां किस उद्देश्य से आया।
इसके अलावा एक सीसीटीवी कनॉट प्लेस का भी गुरुवार को सामने आया। इस फुटेज में दिल्ली में धमाका करने वाली कार कैद हुई है। पुलिस के अनुसार विस्फोट के आरोपी ने दोपहर 3 बजे से पहले दिल्ली के कई इलाकों से यात्रा की थी। डॉ. उमर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था। आरोपी उमर को सबसे पहले दक्षिण पूर्व जिले के कई स्थानों पर देखा गया था क्योंकि वह फरीदाबाद से यात्रा कर रहा था। डॉक्टर उमर ने बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश किया था।
32 वाहन तैयार करने का था प्लान
दिल्ली के लाल किले के पास हुए एक कार धमाके से जुड़ी एक बड़ी आतंकी साजिश का खुफिया एजेंसियों ने गुरुवार को पर्दाफाश किया है। सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों ने कई जगहों पर हमले करने के लिए लगभग 32 पुराने वाहनों को विस्फोटक से लैस करने की योजना बनाई थी। यह खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने हमलों में इस्तेमाल के लिए एक i20 और एक इकोस्पोर्ट वाहन को मॉडिफाई करने का काम शुरू कर दिया था। जांच टीम अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या सिलसिलेवार विस्फोटों को अंजाम देने की इस व्यापक योजना के तहत इसी तरह के और भी वाहन तैयार किए जा रहे थे।
चार अलग-अलग स्थानों पर विस्फोट की थी तैयारी
बताया जाता है कि लगभग आठ संदिग्ध कथित तौर पर चार अलग-अलग स्थानों पर विस्फोटों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इनमें से प्रत्येक संदिग्ध को एक चुने हुए शहर के लिए नियुक्त किया गया था। प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी समूह एक साथ हमलों के लिए कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस लेकर जाने की योजना बना रहे थे।
टेलीग्राम चैट से मिली कई जानकारी
फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टरों के मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को टेलीग्राम चैट्स में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद हैंडलर्स से बातचीत के प्रमाण मिले हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उच्च शिक्षित और कट्टर विचारधारा से प्रभावित हैं। बताया जाता है कि डिजिटल डिवाइस की शुरुआती जांच में पाया गया कि आरोपी सीधे जैश हैंडलर्स से टेलीग्राम पर संपर्क में थे।
जांच एजेंसियों ने तीसरी कार भी बरामद की
लाल किला विस्फोट मामले की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियों को तीसरी संदिग्ध कार भी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार, यह वही मारुति ब्रेजा ह