सुनील गावस्कर ने उठाए अश्विन के संन्यास पर सवाल, समय को लेकर जताई नाराजगी.
सुनील गावस्कर ने उठाए अश्विन के संन्यास पर सवाल, समय को लेकर जताई नाराजगी
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के फैसले पर असहमति जताई है। गावस्कर का मानना है कि अश्विन को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के समाप्त होने के बाद यह बड़ा फैसला लेना चाहिए था।

गावस्कर की मुख्य आपत्तियां
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टीम का नुकसान:
गावस्कर का कहना है कि अश्विन के अचानक संन्यास लेने से भारतीय टीम के पास एक खिलाड़ी कम हो गया। सिडनी टेस्ट में अश्विन को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता था, क्योंकि सिडनी की पिच स्पिनरों के लिए अनुकूल होती है।
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फैसले का समय:
गावस्कर के मुताबिक, अश्विन को यह घोषणा करना चाहिए था कि वह सीरीज के बाद टीम चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। इससे टीम प्रबंधन को तैयारी का समय मिल जाता और सिडनी टेस्ट में उनकी जगह भरने के लिए विकल्प आसानी से चुने जा सकते।
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ड्रेसिंग रूम में चर्चा:
गावस्कर ने अश्विन और विराट कोहली के बीच ड्रेसिंग रूम में हुई लंबी चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैच के दौरान इस तरह की गतिविधियां टीम का ध्यान भटका सकती हैं।
गाबा टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा
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गाबा में खेले गए तीसरे टेस्ट के ड्रॉ पर छूटने के बाद अश्विन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का ऐलान किया।
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घोषणा से पहले अश्विन और विराट कोहली को ड्रेसिंग रूम में लंबी बातचीत करते और भावुक होते देखा गया था।
गावस्कर की सलाह
गावस्कर का मानना है कि अश्विन को टीम के हित में अपने संन्यास का फैसला बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद लेना चाहिए था। उनका कहना है कि अश्विन जैसे खिलाड़ी को सिडनी की स्पिन-अनुकूल पिच पर एक और मैच खेलने का मौका दिया जा सकता था, जिससे भारतीय टीम को फायदा होता।
सुनील गावस्कर ने उठाए अश्विन के संन्यास पर सवाल, समय को लेकर जताई नाराजगी
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के फैसले पर असहमति जताई है। गावस्कर का मानना है कि अश्विन को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के समाप्त होने के बाद यह बड़ा फैसला लेना चाहिए था।
गावस्कर की मुख्य आपत्तियां
टीम का नुकसान:
गावस्कर का कहना है कि अश्विन के अचानक संन्यास लेने से भारतीय टीम के पास एक खिलाड़ी कम हो गया। सिडनी टेस्ट में अश्विन को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता था, क्योंकि सिडनी की पिच स्पिनरों के लिए अनुकूल होती है।
फैसले का समय:
गावस्कर के मुताबिक, अश्विन को यह घोषणा करना चाहिए था कि वह सीरीज के बाद टीम चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। इससे टीम प्रबंधन को तैयारी का समय मिल जाता और सिडनी टेस्ट में उनकी जगह भरने के लिए विकल्प आसानी से चुने जा सकते।
ड्रेसिंग रूम में चर्चा:
गावस्कर ने अश्विन और विराट कोहली के बीच ड्रेसिंग रूम में हुई लंबी चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैच के दौरान इस तरह की गतिविधियां टीम का ध्यान भटका सकती हैं।
गाबा टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा
गाबा में खेले गए तीसरे टेस्ट के ड्रॉ पर छूटने के बाद अश्विन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का ऐलान किया।
घोषणा से पहले अश्विन और विराट कोहली को ड्रेसिंग रूम में लंबी बातचीत करते और भावुक होते देखा गया था।
गावस्कर की सलाह
गावस्कर का मानना है कि अश्विन को टीम के हित में अपने संन्यास का फैसला बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद लेना चाहिए था। उनका कहना है कि अश्विन जैसे खिलाड़ी को सिडनी की स्पिन-अनुकूल पिच पर एक और मैच खेलने का मौका दिया जा सकता था, जिससे भारतीय टीम को फायदा होता।